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सारंगढ़–बिलाईगढ़// तहसील सरिया क्षेत्र में बिना लीज स्वीकृति के डोलोमाइट खदान संचालित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसान की निजी कृषि भूमि को खरीदने के बाद बिना नामांतरण कराए उसे अवैध रूप से डोलोमाइट खदान में तब्दील कर दिया गया है और वर्षों से उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है।
यह शिकायत हर्ष मिनरल्स कटंगपाली से जुड़ी हुई है, जहां अवैध तरीके से डोलोमाइट का परिवहन कर क्रशिंग किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों की शिकायत पर सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैंकरा ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।
बता दें कि सोमवार को नौघटा के दीपक पटेल, राजेश वैष्णव, गणेश राम पटेल, दुर्गैश पटेल सहित अन्य ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि तहसील सरिया के पटवारी हल्का नंबर 4 अंतर्गत ग्राम छेलफोरा में किसान खेदुलाल पटेल की जमीन खसरा नंबर 51/2, 49, 79/4 सहित अन्य भूमि को रमेश चन्द्र डनसेना द्वारा क्रय किया गया। आरोप है कि बिना नामांतरण और बिना किसी वैधानिक लीज स्वीकृति के उक्त भूमि पर मनमाने ढंग से डोलोमाइट खदान संचालित की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खदान से निकले डोलोमाइट को डंपर वाहनों के जरिए हर्ष मिनरल्स कटंगपाली तक पहुंचाया जा रहा है, जहां क्रशिंग कर शासन को लाखों रुपये की क्षति पहुंचाई जा रही है। इस पूरे मामले में खदान संचालक और क्रशर मालिक पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए ग्रामीणों ने लिखित शिकायत पत्र सौंपा है।
क्षति का मूल्यांकन और वसूली की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित खसरा नंबर की जमीन पर मौके की जांच कराई जाए और यह आकलन किया जाए कि अवैध उत्खनन से शासन को कितनी आर्थिक क्षति हुई है। उन्होंने क्षति की राशि की वसूली और जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराने की भी मांग की है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके।
क्रशर उद्योगों पर कार्रवाई न होने पर सवाल
ग्रामीणों ने विभागीय कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बीते सप्ताह गुरुवार को खनिज विभाग की टीम छेलफोरा के खदान क्षेत्र तक पहुंची थी, जहां केवल एक पोकलेन पर औपचारिक कार्रवाई कर बाकी वाहनों को छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, एक भी क्रशर उद्योग पर दबिश नहीं दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है।
इस पूरे मामले पर सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैंकरा का कहना है कि नौघटा के ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त हुआ है और जल्द ही जांच टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।


