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सारंगढ़-बिलाईगढ़// खरीफ सीजन शुरू होते ही जिले में पान जमुना धान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें फैलने लगी हैं। कुछ लोगों द्वारा किसानों के बीच यह बात फैलाई जा रही है कि आगामी खरीफ विपणन वर्ष में सरकार पान जमुना धान की खरीदी नहीं करेगी। इस अफवाह के कारण कई किसान असमंजस की स्थिति में हैं और धान की बुवाई को लेकर संशय में पड़ गए हैं।
इधर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बरमकेला बसंत कुमार नायक ने इन सभी चर्चाओं का खंडन करते हुए किसानों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की ओर से अब तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसमें पान जमुना धान की खरीदी बंद करने की बात कही गई हो। उन्होंने कहा कि किसानों की जितनी पंजीकृत सीमा निर्धारित है, उसके अनुसार शासन द्वारा धान की शत-प्रतिशत खरीदी की जाएगी। इसलिए किसान बिना किसी डर या भ्रम के पान जमुना धान की बुवाई कर सकते हैं।
वहीं सेवा सहकारी समिति सरिया के प्रभारी प्रबंधक विनोद गुप्ता ने भी इस तरह की खबरों को पूरी तरह भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से ऐसा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। कृषि उपज मंडी बरमकेला के प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर सोनी ने भी स्पष्ट किया कि समितियों में सामान्य रूप से मोटा और पतला धान खरीदा जाता है तथा किसी विशेष किस्म के धान की खरीदी रोकने संबंधी कोई जानकारी या आदेश उनके पास नहीं है।
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह अफवाह किसानों को गुमराह करने की सोची-समझी कोशिश भी हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ निजी बीज या धान कारोबारियों द्वारा अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए किसानों के बीच इस तरह की भ्रामक बातें फैलाई जा रही हों। हालांकि अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे केवल शासन और कृषि विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
गौरतलब है कि पान जमुना धान क्षेत्र के किसानों के बीच काफी लोकप्रिय किस्म मानी जाती है। इसकी फसल मजबूत होती है, उत्पादन अच्छा मिलता है और अन्य कई किस्मों की तुलना में रोगों का प्रकोप भी कम देखने को मिलता है। यही कारण है कि हर साल बड़ी संख्या में किसान इस धान की खेती करते हैं। ऐसे में अधिकारियों ने साफ किया है कि अफवाहों के बजाय तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर ही खेती संबंधी निर्णय लें।


