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सारंगढ़ बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। यह आंदोलन फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष रविन्द्र राठौर के निर्देश पर जिला अध्यक्ष संकीर्तन नंद की अगुवाई में किया गया।
धरना प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन में प्रमुख रूप से सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने, एलबी संवर्ग के शिक्षकों की पुरानी सेवा की गणना कर सभी लाभ देने, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल करने और वीएसके एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति के स्थान पर कोई सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इन मांगों को मोदी की गारंटी से जोड़ते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की गई।
धरना को संबोधित करते हुए प्रांतीय पदाधिकारी मनीष डडसेना ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक न्याय की मांग को लेकर बैगलेस डे के दिन अवकाश लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने और क्रमोन्नति वेतन देने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है। शिक्षक उसी वादे को याद दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
जिला अध्यक्ष संकीर्तन नंद ने कहा कि धरना स्थल पर उमड़ी शिक्षकों की भारी भीड़ यह साफ संकेत है कि अब शिक्षक अपने अधिकारों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और व्यापक रूप लेगा। इस दौरान बुधनी अजय ने भी शिक्षकों को संबोधित किया।
चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव लैलून भारद्वाज, जिला संयोजक फकीरा यादव, सुभाष चौहान, बिमल अजगल्ले, नंदकुमार बंजारे, नंदकिशोर पटेल सहित कई कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।
धरना आंदोलन में कार्यकारी जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश भारद्वाज, जिला सचिव सूरज कुमार सारथी, ब्लॉक अध्यक्ष पवन पटेल, सतीश चौहान, देवकी चौहान, रामकुमार नायक, संजय मिश्रा, गयाराम भारद्वाज, अनिल चौहान, अनिता किरण लकड़ा, सरोज जांगड़े, राजेश वैष्णव, कुलदीप भारद्वाज, खेमराज साहू, सेटकुमार पटेल, रमेश मालाकार, दीपेश जायसवाल सहित जिला, ब्लॉक और संकुल स्तर के पदाधिकारी तथा सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।


