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सारंगढ़-बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए पोरथ धाम के पवित्र संगम स्थल पर उनकी विशाल प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठी है। लोकतंत्र प्रहरी के जिला अध्यक्ष मनोज मेहर ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्राही को पत्र सौंपकर इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने महानदी, मांड और केलो नदियों के संगम पर स्थित ऐतिहासिक स्थल को प्रतिमा स्थापना के लिए उपयुक्त बताया है।
तीन नदियों के संगम पर प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव
मनोज मेहर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पोरथ धाम चित्रोत्पला गंगा के तट पर स्थित आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता के अनुसार यहां वैदिक कालीन पुलह ऋषि का पवित्र आश्रम रहा है। इसी क्षेत्र में महानदी, मांड और केलो नदियों का संगम होता है। पत्र में कहा गया है कि यह स्थान धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। संगम क्षेत्र में स्थित एक टापू पर अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे पुल से जुड़ी है मांग
पत्र में नदीगांव-सूरजगढ़ पुल का भी उल्लेख किया गया है। करीब 1.82 किलोमीटर लंबा यह पुल छत्तीसगढ़ के दो जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। मनोज मेहर ने इसे भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की पहचान बताते हुए कहा कि पुल और पोरथ धाम का क्षेत्र अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति से जोड़कर विकसित किया जा सकता है। उनका प्रस्ताव है कि छत्तीसगढ़ की धरती पर प्रवेश करने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग के समीप अटल जी की प्रतिमा स्थापित हो, ताकि यहां से गुजरने वाले लोग राज्य निर्माण में उनके योगदान को याद कर सकें।
जगन्नाथ पाणिग्राही से पहल करने का आग्रह
मनोज मेहर ने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्राही से मांग की है कि वे इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित स्तर पर पहल करें। पत्र में चंद्रहासिनी देवी मंदिर की भौगोलिक निकटता और संगम क्षेत्र की धार्मिक महत्ता का भी उल्लेख किया गया है। अब देखना होगा कि इस मांग पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर क्या पहल होती है और पोरथ धाम के संगम स्थल पर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव आगे बढ़ पाता है या नहीं।


