गुरु घासीदास जयंती पर लालपुर और सेतगंगा में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री साय ने दी विकास की बड़ी सौगात..

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मुंगेली// गुरु घासीदास जयंती के पावन अवसर पर मुंगेली जिले के लालपुर धाम और खैरा-सेतगंगा धाम में आस्था, उत्साह और विकास की त्रिवेणी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोनों स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए, जहां उन्होंने गुरु घासीदास मंदिर, जैतखाम, गुरुगद्दी और राम जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। जगह-जगह पारंपरिक स्वागत, गूंजते जयकारे और हजारों लोगों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

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लालपुर में गुरु घासीदास जयंती और तीन दिवसीय मेले के अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत सतनामी कल्याण समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने किया। मंच से उन्होंने लालपुर क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए नए महाविद्यालय की सौगात दी। इस घोषणा से क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके साथ ही मेले और कार्यक्रम आयोजन की राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख करने, कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 25 लाख और मुंगेली सतनाम भवन के जीर्णोद्धार के लिए 25 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु घासीदास ने सत्य, समानता और मानवता का जो रास्ता दिखाया, वही छत्तीसगढ़ के विकास की असली दिशा है। उन्होंने बताया कि सरकार महापुरुषों के विचारों को जमीन पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है। दो वर्षों के कार्यकाल में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को प्राथमिकता दी जा रही है और खरीदी के बाद किसानों को अंतर की राशि जल्द दी जाएगी। सरकार हर पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतनाम आचार संहिता और जागरूकता कैलेंडर का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बीते दो वर्षों में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों बढ़ी हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। पीएसी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा रही है और नई औद्योगिक नीति के जरिए युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सतनाम आचार संहिता और जागरूकता कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री गुरु घासीदास जयंती पर खैरा-सेतगंगा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने जैतखंभ की पूजा, पालो चढ़ाई कर गुरुगद्दी और राम जानकी मंदिर में दर्शन किए। सेतगंगा धाम के विकास के लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये से अधिक की घोषणाएं कीं। सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख, राम जानकी मंदिर पर्यटन क्षेत्र विकास के लिए 50 लाख और गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम आयोजन के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

सेतगंगा में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु घासीदास का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश आज भी समाज को जोड़ने की ताकत देता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के दो वर्ष और छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे होने के साथ ही प्रदेश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और एक-एक दाना खरीदा जाएगा। प्रशासन में पारदर्शिता के लिए ई-ऑफिस को बढ़ावा दिया जा रहा है और नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों कार्यक्रमों में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गांव, गरीब और हर वर्ग का विकास हो रहा है। अनुसूचित जाति प्राधिकरण के बजट में बढ़ोतरी इसका उदाहरण है। उन्होंने गुरु घासीदास के सामाजिक संदेश को आज के समय में बेहद प्रासंगिक बताया। वहीं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार सर्व समाज के समावेशी विकास के लिए काम कर रही है और सतनामी समाज के शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान को लगातार सहयोग दिया जा रहा है।

दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, प्रशासनिक अधिकारी और सतनामी समाज के अनुयायी मौजूद रहे। पूरे जिले में गुरु घासीदास जयंती का माहौल उत्सव जैसा रहा, जहां आस्था के साथ विकास की घोषणाओं ने लोगों में नई उम्मीद और ऊर्जा भर दी।

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