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बिलासपुर// छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चरित्र शंका के चलते एक पति ने अपनी ही पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मामले में अब सेशन कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है और उसे 5 साल की सजा सुनाई है। यह घटना तखतपुर क्षेत्र की है, जिसने समाज में रिश्तों की गिरती संवेदनशीलता और अविश्वास की खतरनाक तस्वीर सामने रख दी है।
मार्च 2024 की घटना
जानकारी के अनुसार, यह घटना मार्च 2024 में तखतपुर क्षेत्र में हुई थी। आरोपी लोमश सिंह ठाकुर को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसे लेकर अक्सर दोनों के बीच विवाद होता रहता था। इसी संदेह ने एक दिन हिंसक रूप ले लिया। घटना वाले दिन आरोपी ने गुस्से में आकर घर में रखे हंसिया से अपनी पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसने पत्नी के सिर और पेट पर कई वार किए, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
हमले की गंभीरता को देखते हुए यह साफ था कि आरोपी की मंशा जानलेवा थी।हमले के बाद घायल महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला के सिर और पेट में गहरी चोटें आई थीं और समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
सेशन कोर्ट ने सुनाया फैसला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने जांच के दौरान सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई सेशन कोर्ट में चली, जहां अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत और गवाह पेश किए।
कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी लोमश सिंह ठाकुर को दोषी पाया।अदालत ने आरोपी को हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध को ध्यान में रखते हुए 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी का कृत्य अत्यंत क्रूर और अमानवीय था।


