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सारंगढ़–बिलाईगढ़// धान खरीदी वर्ष 2025–26 की शुरुआत के साथ ही किसानों की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऑनलाइन टोकन प्रणाली, जिसे सुचारू और पारदर्शी व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया गया था लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था किसानों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनती दिखाई दे रही है। इसी गम्भीर समस्या को लेकर गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सरिया ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार सरिया को ज्ञापन सौंपा है। इसके अलावा उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर कोई ठोस सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन, घेराव और धरना करने को बाध्य होगी।

कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी शरद यादव ने बताया कि ऑनलाइन टोकन जारी करने वाली प्रणाली पिछले कई दिनों से बार-बार ठप हो रही है। सर्वर डाउन रहने के कारण हजारों किसान समय पर टोकन नहीं कटवा पा रहे हैं। धान खरीदी का समय सीमित होने और टोकन पर कड़ी पाबंदियों के चलते किसान बुरी तरह परेशान हैं। विशेषकर वे किसान जिनकी भूमि पाँच एकड़ या उससे अधिक है, उन्हें अधिकतम तीन टोकन की सीमा में बांध दिया गया है। इससे किसानों की उपज का बड़ा हिस्सा समय पर बिक ही नहीं पा रहा है।

शासन द्वारा ऑनलाइन टोकन काटने के लिए सुबह 8 बजे से 5 बजे का समय निर्धारित है मगर किसान सुबह से शाम तक टोकन कटाने की कोशिश करते है मगर कभी सर्वर फेल तो कभी वेबसाइट खुलती ही नहीं या फिर प्रक्रिया बीच में ही अटक जाती है। ऐसे में किसान मजबूरन घरों में बैठकर सिस्टम के सुधरने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि मंडियों में धान का ढेर लग चुका है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सहकारी समितियों के प्रति दिन धान खरीदी की लिमिट को कम कर दिया गया है, जिसके कारण किसानों को अपना धान बेचने के लिए दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है। पूर्व वर्षों की तुलना में खरीदी केंद्रों की गति बेहद धीमी है। समिति की प्रतिदिन खरीदी क्षमता घट जाने से टोकन मिलने के बाद भी समय पर वजनी (तौल) नहीं हो पा रही है। इससे किसान आर्थिक और मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
कांग्रेस ने इन परिस्थितियों को किसानों के साथ सीधी नाइंसाफी बताते हुए मांग रखी कि
- सहकारी समितियों की प्रतिदिन खरीदी सीमा तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों का धान समय पर खरीदा जा सके।
- ऑनलाइन टोकन कटाने के लिए न्यूनतम 3 दिनों का अतिरिक्त अवसर या विशेष विंडो उपलब्ध कराई जाए, जिससे सर्वर की समस्या से प्रभावित किसानों को पुनः मौका मिल सके।
- सर्वर डाउन और तकनीकी खराबियों को तुरंत दूर किया जाए, ताकि किसान बिना तनाव के अपना टोकन प्राप्त कर सकें।
- खरीदी केंद्रों में पर्याप्त कर्मचारी, तौल उपकरण और परिवहन साधन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे खरीदी प्रक्रिया में तेजी लायी जा सके।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं है बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है, जिसका बोझ किसानों की मेहनत पर पड़ रहा है। धान खरीदी सीजन किसानों के लिए पूरे साल की मेहनत का प्रतिफल पाने का समय होता है, और यदि यही समय प्रशासनिक गड़बड़ियों में उलझ जाए, तो किसान हताश और निराश होंगे।
वहीं इस संबंध में तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समस्या सारंगढ़ जिले के अलावा पूरे छत्तीसगढ़ में बनी हुई है जिसको ठीक करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं ज्ञापन में किए गए मांगों के संबंध में भी तत्काल जिला कलेक्टर को जानकारी दे दी गई है, जैसा उनका निर्देश होता है उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था किसानों के लिए राहत की बजाय मुसीबत बन चुकी है। लगातार सर्वर फेल होने, सीमित खरीदी क्षमता और जटिल प्रक्रिया के कारण किसान अपने ही धान को बेचने के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। यदि प्रशासन त्वरित कार्यवाही नहीं करता, तो आने वाले दिनों में असंतोष और आक्रोश और अधिक बढ़ सकता है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि शरद यादव, प्रदेश सचिव विक्की आहूजा, कार्यकारिणी ब्लॉक अध्यक्ष उग्रसेन साहू, उपेंद्र पातर, रूप पटेल, हिमांशु पाणिग्रही, संजय प्रधान, जयप्रकाश प्रधान, हकदार जाधव, सरोज प्रधान वार्ड नंबर 14, सरोज प्रधान वार्ड न. 03, भारत गुप्ता, प्रतीक नामदेव, गुरदेव चौहान, राजकुमार पाव, प्रदीप पांडे, NSUI से निखिल डनसेना, गगन साहू, आयुष बैरागी, मोहम्मद शाहिद, सुधार पटेल, दीपक साहिश, रितेश , भीष्मदेवों चौहान, कमलेश साहू, संतोष चौहान, कांग्रेस पार्षद रूपनारायण डनसेना , सुखदेव साव उपस्थि रहे।



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