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रायगढ़// नए साल की शुरुआत के साथ ही रायगढ़ जिला प्रशासन ने लापरवाह अधिकारियों को सख्त संदेश देना शुरू कर दिया है। पुसौर नगर पंचायत में विकास कार्यों की अनदेखी और पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने वाले उप अभियंता (सब-इंजीनियर) दुर्गेश मालाकार को उनके पद से हटा दिया गया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उनका प्रभार तत्काल प्रभाव से दूसरे अधिकारी को सौंप दिया है।
31 दिसंबर को जारी सरकारी आदेश की कॉपी से साफ होता है कि दुर्गेश मालाकार पर यह गाज अचानक नहीं गिरी है। पुसौर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर वे लंबे समय से लापरवाह बने हुए थे। प्रशासन ने 24 नवंबर को ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (नवा रायपुर) को पत्र लिखा था। लेकिन चेतावनी के बावजूद उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया और वे सरकारी योजनाओं के निरीक्षण में लगातार अरुचि दिखाते रहे।
गजेंद्र साहू को मिली अतिरिक्त कमान
नगर पंचायत पुसौर के विकास कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संभाग रायगढ़) के उप अभियंता गजेंद्र साहू को नया जिम्मा सौंपा है। श्री साहू अब अपने वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ पुसौर नगर पंचायत का पूरा प्रभार संभालेंगे। हालांकि, प्रशासनिक तकनीकी पक्ष को देखते हुए उनका वेतन और अन्य भत्ते उनके मूल विभाग (गृह निर्माण मंडल) से ही जारी रहेंगे।
तत्काल प्रभार सौंपने का अल्टीमेटम
प्रशासन ने इस मामले में कितनी कड़ाई बरती है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आदेश जारी होते ही दुर्गेश मालाकार को तत्काल अपना पूरा चार्ज गजेंद्र साहू को सौंपने और उसकी सूचना जिला कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए हैं। अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो की ओर से संबंधित सभी विभागों को इस कार्रवाई की प्रतिलिपि भेज दी गई है। क्षेत्र में चर्चा है कि इस कार्रवाई से उन अधिकारियों में हड़कंप मच गया है जो विकास कार्यों के पर्यवेक्षण को गंभीरता से नहीं ले रहे थे।





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