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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले के हथकरघा उत्पादों को बाजार से जोड़ने और बुनकरों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने शुक्रवार को सरिया तहसील के ग्राम पंचधार पहुंचकर हथकरघा बुनकरों की पारंपरिक कला का निरीक्षण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण सम्मान से सम्मानित अरुण कुमार मेहर के बुनकरी केंद्र का अवलोकन कर उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं व्यापारिक गतिविधियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान बुनकरों ने बताया कि उनकी संस्था में उड़िया साड़ियों (कपटा) का निर्माण किया जाता है, जो अपनी विशिष्ट डिजाइन, उत्कृष्ट बुनाई और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध हैं। कलेक्टर ने तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि ओड़िशा सीमा से लगे इस क्षेत्र में उड़िया साड़ियों की अच्छी मांग है तथा हथकरघा और हस्तशिल्प जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार से जोड़कर बुनकरों की आय में वृद्धि की जा सकती है। इसके लिए बेहतर ब्रांडिंग, प्रदर्शनियों और व्यापार मंचों के माध्यम से उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है। उन्होंने बुनकरों को नई तकनीक, आधुनिक डिजाइन और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने अरुण कुमार मेहर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा विकसित स्वरोजगार मॉडल से पूरे अंचल को लाभ मिलेगा। उन्होंने बरमकेला विकासखंड के वनांचल क्षेत्रों डोंगरीपाली, हटटापाली और झाल क्षेत्र के लोगों को भी इस कार्य से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराने की अपील की।
अरुण कुमार मेहर ने बताया कि अब तक क्षेत्र के करीब 5,000 युवक-युवतियां और महिलाएं इस पहल से जुड़कर स्वरोजगार प्राप्त कर चुके हैं तथा अपने परिवार के भरण-पोषण में सहयोग कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ इंद्रजीत बर्मन, एसडीएम डॉ वर्षा बंसल, तहसीलदार सरिया कोमल प्रसाद साहू, जनपद पंचायत बरमकेला सीईओ अजय पटेल सहित ग्राम पंचधार के सरपंच, पंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


