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मुंगेली// कलेक्टर कुन्दन कुमार ने लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की अव्यवस्थित साफ-सफाई, पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में गलत पंजीयन और बच्चों के वजन दर्ज करने में अनियमितताओं को देखकर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को अस्पताल परिसर और वार्डों में गंदगी दिखाई दी। इस पर उन्होंने तत्काल साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर कुंदन ने कहा कि अस्पताल एक संवेदनशील स्थान है, जहां स्वच्छता सीधे मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। उन्होंने मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र पैकरा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोबारा गंदगी पाई गई, तो निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का निरीक्षण किया। यहां बच्चों के पंजीयन और वजन दर्ज करने में गंभीर खामियां सामने आईं। कुछ मामलों में ऐसे बच्चों का भी पंजीयन पाया गया, जो गंभीर कुपोषण की श्रेणी में नहीं आते थे। इस पर कलेक्टर ने कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि केवल गंभीर कुपोषित बच्चों का ही NRC में पंजीयन किया जाए। उन्होंने कहा कि गलत पंजीयन से न केवल सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होता है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंद बच्चों को भी नुकसान पहुंचता है।
कलेक्टर ने इस मामले में बीएमओ, बीपीएम शैलेन्द्र और संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुन्दन कुमार ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से इलाज, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, भोजन और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने अधिकारियों को सेवाओं में और सुधार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जच्चा-बच्चा कक्ष, लेबर रूम और न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (NBSU) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इन महत्वपूर्ण इकाइयों में आवश्यक उपकरणों, स्टाफ की उपलब्धता और साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही अनावश्यक रेफरल पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सामान्य मामलों में मरीजों का उपचार CHC स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिला अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न पड़े और मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रभाकर पाण्डेय सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।


