अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्यवाही करने कलेक्टर ने दिए निर्देश, 15 दिवस में एकबार अधिकारियों को मैदानी क्षेत्र में रूककर कार्य करने के निर्देश..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// कलेक्टर डाॅ संजय कन्नौजे ने जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में जिले के प्रगतिरत कार्यों, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन और अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण का समीक्षा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया।

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बैठक की शुरूआत में कलेक्टर ने कहा कि मुख्य सचिव की बैठक में दिए गए निर्देश का पालन सभी अधिकारी प्राथमिकता से करें। बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें। निर्धारित दिवस में मैदानी कार्य का जायजा लें और 15 दिवस में एक दिन मैदानी क्षेत्र में कार्य करते हुए वहां रात्रि विश्राम करें। सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी कार्यालय समय में बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करें।

जिले में महानदी किनारे अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर कलेक्टर ने खनिज अधिकारी, पुलिस और तहसीलदार को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई रेत खदानों का आबंटन हो गया है, उसका पूरा विवरण वहां रेत खदान क्षेत्र में सूचना पटल चस्पा करें। इसी प्रकार अपने निजी भूमि को छोड़कर, पुराने घर को बिना तोड़ें सरकारी भूमि में पीएम आवास बनाने के चलन पर रोकथाम के लिए कलेक्टर ने सभी सीईओ और सीएमओ को सख्त निर्देश दिए कि इसप्रकार से गांव शहर में गलियों के रास्ते छोटे हो रहे हैं। लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। ऐसे हितग्राहियों को समझाएं और उन्हें उनके ही मूल, पुश्तैनी या स्वामित्व की ही भूमि में पीएम आवास बनवाएं।

कलेक्टर डाॅ. कन्नौजे ने भूअर्जन, धरती आबा, स्वामित्व योजना, वन अधिकार पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, स्कूलों में आधार कैम्प, आधार पोषण ट्रेकर, अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, सरस्वती सायकल वितरण योजना, आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना, सभी विभागों के केसीसी लोन, पीएम सूर्य घर, जल जीवन मिशन, भूमि बैंक, जिला अस्पताल, कलेक्टोरेट कंपोजिट बिल्डिंग, आंगनबाड़ी निर्माण, पीएमश्री स्कूलों का निर्माण, राजस्व अंतर्गत फौती नामांतरण, विवादित और अविवादित नामांतरण, बंटवारा, पीएम आवास, नेशनल हाईवे, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना आदि के कार्यों के प्रगति का समीक्षा किया।

कलेक्टर डाॅ संजय ने जिले के महिला एवं बाल विकास अधिकारी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, पंचायत विभाग के सभी सीईओ, सीएमएचओ, सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन, रोजगार सहायक, सफाईकर्मी, दैनिक वेतनभोगी, संविदाकर्मी आदि को पीएम श्रम योगी और एनपीएस योजना से जोंड़े और ऐसे असंगठित कर्मकारों को इस योजना का लाभ दिलाएं।

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