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सारंगढ़ बिलाईगढ़// सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला अंतर्गत सरिया थाना क्षेत्र में बीते कल दिनांक 18 जून को सुबह लगभग 11:30 से लेकर 11:38 के बीच परसरामपुर में 11 केवी लाइन पर काम कर रहे 25 वर्षीय ठेकाकर्मी श्रवण कुमार यादव की करेंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना इतनी दर्दनाक थी कि श्रवण जैसे ही करेंट की चपेट में आया उसको बचने का मौका नहीं मिला और वह तारों के बीच फंसकर लटका रहा।

घटना की सूचना मिलने और मामले को दबाने के उद्देश्य से उच्चाधिकारी के आदेश पर वहां मौजूद अन्य कर्मियों ने बिना परिजन को सूचना दिए बकायदा सीढ़ी लगाकर आनन-फानन में शव को उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरिया ले आए। इसी बीच जैसे ही घटना की सूचना मृतक के परिजनों तक पहुंची वे बड़ी संख्या में अन्य ग्रामीणों सहित अस्पताल परिसर आ धमके और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में पहले से मौजूद विद्युत विभाग के अधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने उनको आश्वासन देकर शांत करवाने की कोशिश किए मगर ग्रामीण और परिजन ठेकेदार को बुलाने और उचित मुआवजा की मांग करने लगे। लेकिन संबंधित विद्युत विभाग के चहेते ठेकेदार ने घटना की जानकारी मिलने के बावजूद भी आने से इन्कार करते हुए उन्होंने कहा कि मृतक का हमारे कंपनी में अभी आये महज 10 से 15 दिन ही हुआ है और उनका आइडी भी नहीं बना है और न ही भुगतान किया गया है इसलिए मेरा वहाँ जाना व्यर्थ है।
मामले में उठ रहे कई तरह के सवाल सवाल
सवाल 01- मृतक की विद्युत करेंट लगने की सूचना उनके परिजनों को कितने समय दिया गया…?
इस मामले में यह बात सबसे अहम है कि जब किसी परिवार के इकलौते कमाऊ बेटे की इतनी बड़ी दर्दनाक मौत हो गई थी तो सबसे पहले सूचना मृतक के परिजनों को क्यों नहीं दिया गया था..? वहीं पर मौजूद विद्युत कर्मी द्वारा अपने विभाग के अधिकारी कर्मचारी को सूचित किया गया था और अपने विभाग के अधिकारी कर्मचारी के निर्देशानुसार ही बाकायदा सीढ़ी लगाकर मृतक के शव को उतारकर सीधा सरिया अस्पताल लाया गया था।
सवाल 02- घटनास्थल से मृतक के शव को अस्पताल लाया कौन था और किसके सहमति या उपस्थिति में..?
इस मामले में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आ रही है कि घटना घटित होने के बाद आखिर कौन कौन और किसकी उपस्थिति या सहमति से मृतक के शव को अस्पताल लाया गया..?
सवाल 03- मृतक आखिर बिना सेफ्टी गार्ड के कैसे 11 केवी लाइन तार बनाने के लिए चढ़ा था और उस समय उक्त कार्य को करवाने के लिए विद्युत विभाग के कौन अधिकारी व कर्मचारी या ठेकेदार मौजूद थे..?
इस मामले में सबसे बड़ी और आश्चर्यजनक जानकारी सामने आई है कि उक्त मामले में मृतक के सहकर्मी भरत यादव ने बताया कि वहां पर मेरे अलावा और दो साथी शशिभूषण सेठ और मृतक श्रवण कुमार यादव ही मौजूद थे इसके अलावा वहां पर विभाग के कोई विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और न ही ठेकेदार का कोई स्टाफ उपस्थित थे।
सवाल 04- आखिर किसलिए विद्युत विभाग सरिया और संबंधित विभाग के चहेते ठेकेदार के नाम से 03 लाख रुपए सहायता राशि प्रदान किया गया..?
इस मामले में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि जब अपने विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तथा चहेते ठेकेदार को बचाने की कोशिश में सुबह से जुटे हुए थे और मृतक के परिवार सहित ग्रामीणों के द्वारा किए जा रहे हो हंगामा के चलते आनन फानन में महज तीन लाख रुपए सहायता राशि प्रदान करने की बात कही गई तब जाकर सहमति बनी। तत्पश्चात शव को पोस्टमार्टम कराने हेतु बरमकेला भेजा गया था। इस मामले में एक और सामने आ रही है कि मृतक जिस ठेकेदार की कंपनी में कार्यरत था इससे पहले वर्ष 2023 में इसके समकक्ष कार्यरत युवक सरिया निवासी जिसे जामपाली के आसपास इसी तरह विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही के कारण अपनी एक हाथ अक्षम्य हो गया है और उसको आज पर्यंत तक न ही संबंधित ठेकेदार व विद्युत विभाग सरिया से किसी भी प्रकार की कोई सहायता राशि प्रदान नहीं किया गया है क्यों…?
ऐसे मामले पर क्या कहता है श्रम कानून
श्रम कानूनों के अनुसार यदि कर्मचारी को कार्य के दौरान (ड्यूटी पर) दुर्घटना में जान गंवानी पड़ती है, तो पहचान पत्र (दृष्ठ) जारी न होने या मौखिक नियुक्ति होने पर भी नियोक्ता (कंपनी या ठेकेदार) की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार मुआवजे, वेतन और ग्रेच्युटी पाने का पूरा हकदार होता है।।
क्या कहते हैं विभाग के जिलाधिकारी
संबंधित मामले को लेकर विभाग के जिलाधिकारी से मोबाइल से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी मीटिंग में बैठा हूं बाद में बात करता हूं कहते हुए कॉल कट कर दिया गया।
बहरहाल इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता राशि 03 लाख रुपए नगद देने हेतू जो सहमति बनी थी उसकी हकीकत और पीड़ित परिवार का पक्ष तथा उक्त मामले को लेकर परत दर परत एक एक सबूतों के साथ मामला का खुलासा किया जायेगा। इसके अलावा श्रम कानून के तहत श्रमायुक्त से हुई चर्चा के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रकाशित किया जायेगा…..?



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