पत्रकार से मारपीट का मामला गरमाया: कृषि कार्यालय में पत्रकार पर हमला, कलेक्टर ने लिया सख्त संज्ञान..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले के कृषि विभाग कार्यालय में हुई मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। एक पत्रकार और वकील के साथ सरकारी कर्मचारी द्वारा की गई मारपीट का मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। पूरी घटना कार्यालय में लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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पीड़ित पत्रकार पोश कुमार साहू

किसान सम्मान निधि के काम से पहुंचे, फिर हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, वकील जनक बरेठ अपनी माता के किसान सम्मान निधि से जुड़े कार्य के लिए कृषि कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ पत्रकार पोश कुमार साहू भी मौजूद थे। दोनों पहले उप संचालक कृषि से मिले, जिसके बाद उन्हें संबंधित आरईओ प्रवीण पटेल के पास भेजा गया। शुरुआत में सामान्य बातचीत चल रही थी, लेकिन कुछ ही देर में माहौल अचानक बिगड़ गया।

गुस्से में आरईओ ने किया हमला, CCTV में कैद घटना

बातचीत के दौरान आरईओ प्रवीण पटेल अचानक भड़क उठे और पत्रकार के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी मूकदर्शक बने रहे। इस पूरी घटना का वीडियो CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गया है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल, पुलिस में शिकायत

घटना के दौरान जिला कृषि अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने स्थिति संभालने के बजाय पीड़ितों को ही रोककर पुलिस को सौंपने की बात कही। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर का एक्शन: कारण बताओ नोटिस जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने उप संचालक कृषि को पूरे घटनाक्रम की 4 बिंदुओं पर विस्तृत और तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मारपीट में शामिल आरईओ प्रवीण पटेल को सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 3 दिनों के भीतर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

अब निगाहें कार्रवाई पर

सरकारी दफ्तर में एक पत्रकार से खुलेआम मारपीट करना प्रशासनिक तानाशाही को उजागर कर रहा है, जो कि बहुत ही निंदनीय है। वहीं इस घटना को लेकर कलेक्टर द्वारा की गई कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। फिलहाल अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाएगा।

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