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रायपुर// छत्तीसगढ़ की कृषि उपज मंडियों में अब किसानों और व्यापारियों से हमाली और लोडिंग के नाम पर अवैध वसूली नहीं हो सकेगी। राज्य सरकार ने मंडियों में होने वाले कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए हर काम का रेट फिक्स कर दिया है।
महानदी भवन मंत्रालय से कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए ‘लोडिंग से लेकर स्टैकिंग’ तक के 8 प्रमुख कामों की दरें निर्धारित कर दी हैं। अब मंडी में एक क्विंटल उपज के निस्तारण का कुल खर्च 34.77 रुपये तय किया गया है।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
मंडियों में सीजन के दौरान काम का दबाव बढ़ते ही हमाल और ठेकेदार मनमाने रेट की मांग करने लगते थे। कभी बोरा सिलाई के नाम पर तो कभी चढ़ाई-उतराई के नाम पर किसानों की जेब काटी जाती थी। इस नए आदेश ने इस ‘लूट’ पर पूरी तरह से नकेल कस दी है।
देखिए नया रेट चार्ट
सरकार ने एक-एक पैसे का हिसाब रखा है। उप सचिव विकास मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार दरें इस प्रकार होंगी
- गाड़ी में माल चढ़ाना (लोडिंग): ₹ 6.75 (सबसे ज्यादा रेट)
- कांटे से उतारना (तौल एवं उतारना): ₹ 5.75
- गाड़ी से माल उतारना (अनलोडिंग): ₹5.15
- बोरा भराई और कांटे पर चढ़ाना: ₹ 5.00
- ढेर लगाना: ₹ 3.50
- स्टैकिंग (छल्ली लगाना): ₹ 3.50
- लेबल लगानाः ₹ 3.15
- सिलाई: ₹ 1.97
कुल खर्च: ₹ 34.77



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