गांजा तस्करों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, गरियाबंद और GPM में यात्री बसों से 1 करोड़ 68 लाख रुपये का गांजा जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार..

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रायपुर// छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई की है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और गरियाबंद पुलिस की कार्रवाई में यात्री बसों से कुल 336 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 68 लाख रुपये बताई जा रही है। दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल यात्री बस और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

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जानकारी के मुताबिक गांजा तस्करों पर पुलिस के एक्शन का पहला मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का है। बताया जा रहा है कि पेंड्रा थाना पुलिस को गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने यात्री स्लीपर बस की तलाशी ली। इस दौरान बस से 49 पैकेटों में करीब 245 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, गांजे की यह खेप मलकानगिरी, ओडिशा से यात्री बस के जरिए छत्तीसगढ़ लाई जा रही थी। प्रत्येक पैकेट में करीब 5 किलो गांजा रखा गया था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

मामले में पुलिस ने दिलीप कुमार हिंडिया निवासी मलकानगिरी, ओडिशा और भीमसेन केवट निवासी मरवाही को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दिलीप कुमार हिंडिया बस का मालिक और चालक है। पूछताछ में उसने गांजा मलकानगिरी से कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में सप्लाई करने की बात बताई है। वहीं, पुलिस के अनुसार भीमसेन केवट कटघोरा से बस में सवार हुआ था और चालक को आगे का रास्ता बताते हुए उसके साथ जा रहा था।

पुलिस जांच में गांजा तस्करी का रूट मलकानगिरी से बोरई, धमतरी, रायपुर, बिलासपुर, पाली, कटघोरा, पसान होते हुए पेंड्रा तक सामने आया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। कार्रवाई में करीब 50 लाख रुपये कीमत की Jaguar Travels की 44 सीटर स्लीपर बस, तीन मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। मामले में पेंड्रा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 345/2026 के तहत धारा 20(b)(II) और 29 NDPS Act के तहत कार्रवाई की है।

गरियाबंद में दो बसों से 91.5 किलो गांजा जब्त

उधर, गरियाबंद पुलिस ने भी अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग यात्री बसों से कुल 91 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया है। दोनों मामलों में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई महेश बस में की गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर बस की तलाशी ली तो चावल की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ।

तलाशी में 67 किलो 800 ग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 33 लाख 90 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दूसरी कार्रवाई शारदा बस में की गई। पुलिस ने बस में बैठे एक संदिग्ध यात्री की तलाशी ली। उसके कब्जे से 23 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

इसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख 85 हजार रुपये बताई गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। GPM और गरियाबंद पुलिस की इन कार्रवाइयों को जोड़ें तो यात्री बसों के जरिए तस्करी की जा रही कुल 336 किलो 500 ग्राम गांजा जब्त किया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 68 लाख 20 हजार रुपये बैठती है।

दोनों जिलों में कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस गांजे की सप्लाई के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक तक पहुंचने पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से खरीदा गया, छत्तीसगढ़ में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बस बनी तस्करी का जरिया, पुलिस की नजर पूरे नेटवर्क पर

दोनों जिलों की कार्रवाई में एक बात सामने आई है कि तस्करों ने यात्री बसों को गांजा परिवहन के लिए इस्तेमाल किया। गरियाबंद में जहां गांजा चावल की बोरियों के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था, वहीं GPM में स्लीपर बस के जरिए बड़ी खेप को मलकानगिरी से छत्तीसगढ़ लाने का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

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