छत्तीसगढ़ में वनोपजों, उद्यानिकी और कृषि फसलों के प्रसंस्करण से तैयार उत्पादों की होगी ब्रांडिंग और राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग की व्यवस्था, मुख्यमंत्री बघेल ने सभी कलेक्टरों और वन विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश..
उत्पादों की ब्रांडिंग एवं वितरण का कार्य लघु वनोपज संघ की ‘‘संजीवनी दुकानों और निजी क्षेत्र की मदद से होगा.. ‘‘वन धन केन्द्र‘‘ बनेंगे विभिन्न सामग्रियों के ‘‘उत्पादन केन्द्र‘‘.. आदिवासियों और ग्रामीणों को मिलेगा कच्चे माल के संग्रहण और प्रसंस्करण का अधिकतम लाभ.. रायपुर/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में वनोपजों, उद्यानिकी […]

