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बिलासपुर/ गोद में बच्चा होने से यात्रियों से ज्यादा पैसे मिलने की चाह में किन्नर ने ब्रजराजनगर से परिजनों को चकमा देकर एक साल के बच्चे को उठाकर भाग निकला। जांच के दौरान आरपीएफ की पैट्रोलिंग पार्टी ने ट्रेन में सफर कर रहे आरोपी किन्नर को मासूम के साथ पकड़ लिया है।
किन्नर को रविवार की सुबह वेनगंगा एक्सप्रेस में चांपा स्टेशन के बाद पकड़ा गया है। इस ट्रेन में बिलासपुर से कोरबा तक आरपीएफ की पैट्रोलिंग पार्टी जांच कर रही थी। प्रधान आरक्षक संजीव राय व आरक्षक डीपी रत्नायक को एक कोच में नंदनी पाल उर्फ घनश्याम दीप (25 साल) नाम का एक किन्नर दिखा। उसकी गोद में एक साल का बच्चा था। जिसे देखकर बल सदस्यों को संदेह हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम नंदनी पाल ग्राम जोगीकुंडा थाना लोहिसिया जिला बलांगीर ओडिशा निवासी बताया।
कोरबा में बच्चे की स्वास्थ्य जांच के बाद उसे बिलासपुर में चाइल्ड लाइन टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके अलावा वास्तविक पता व माता-पिता की जानकारी जुटाई गई। पहले ब्रजराजनगर आरपीएफ पोस्ट से संपर्क किया गया। पोस्ट के माध्यम से माता- पिता को बच्चे के मिलने की जानकारी दी गई। रविवार शाम सात बजे के करीब माता- पिता बिलासपुर जीआरपी थाने पहुंचे।
किन्नर बच्चे को एक नवंबर को चुपचाप उठाकर ले भागा था। इसके बाद से वह बच्चे को लेकर इधर- उधर लेकर घूम रहा था। वह बच्चे को कुछ दिन बिलासपुर में रखा। इसके बाद चांपा चला गया। रविवार सुबह चांपा स्टेशन से बच्चे को लेकर कोरबा जा रहा था। इस दौरान बच्चे का बुरा हाल था, वह अपने परिजनों को ढूंढता रहा।

