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धरमजयगढ़ – सर्वविदित है की अभी हाल ही में 2 रोज़ पूर्व छाल क्षेत्र के मुनुन्द नायाडीह मांड नदी में एक महिला अपने 2 बच्चों समेत आत्महत्या के इरादे से छलांग लगा ली थी जिसमे 1 बच्ची की जान कुछ साहसी ग्रामीण युवाओं ने बचा ली थी वहीँ माँ और उसके 1 मासूम बच्चे का अभी तक कोई खबर नहीं है.घटना के बाद शुरुवाती दौर में प्रशासन ने टीम भेजकर बाढ़ में बहे माँ बच्चे को खोजने का प्रयास किया लेकिन दूसरे दिन से खोजबीन करना बंद कर दिया.
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है की स्थानीय प्रशासन मामले को लेकर सजग नहीं है और नाही इनसे उन्हें कोई मदद मिल रही है. लिहाजा अब गांव के ग्रामीण व परिजन खुद ट्यूब में हवा भरकर माँ बच्चे की तलाश करने नदी में उतर पड़े हैं, आपको बता दें, इस वक़्त नदी पूरे उफान पर है ऐसे में सवाल उठता है,की खोजबीन के दौरान ग्रामीणों के साथ अगर कोई अनहोनी घटना घट गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ? इस तरहा ठोस सवालों के घेरे में जिला व स्थानीय प्रशासन आ सकता है.
खबर अनुसार गांव के मंशा राम,देवधर,माधोराम राम एवं उनके दर्जनों साथी उफनती मांड नदी में उतरकर माँ और बेटे की तलाश में लग गए हैं। मौजूदा समय मे नदी पूरे उफान पर है। शायद यही वजह है उनके हाँथ अब तक कुछ नही लगा, फिर भी उनकी कोशिश लगातार जारी है.ग्रामीणों का सीधा कहना है की शव को तलाशने में प्रशासन ध्यान नही दे रही है इसलिए हम खुद खोजबीन में लग गए हैं. ऐसे में तलाश के दौरान कोई अप्रिय घटना घट जाती है, तो इसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।।


