मुंगेली: जिले में चल रही यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाते बाजार में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग करते जकांछ ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन..

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मुंगेली/ जिले में यूरिया खाद की कालाबाजारी चरम सीमा में है. जिसके वजह से बाजार में किसानों को 266 रुपए की यूरिया बोरी को 500 रुपए में बेचा जा रहा है और किसान मजबूरी वश फसल बचाने के लिए ज्यादा दाम में खरीदने मजबूर हैं. फिर भी कालाबाजार के सौदागर मुनाफाखोरी से बाज नहीं आ रहे हैं. वही दुकान बंद है पर गोदामों से किसानों को खाद बेचकर दो गुना मुनाफा वसूला जा रहा है.

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आलम यह है कि बाजार में एक ओर दुकानों का शटर बंदकर ये कृषि अधिकारियों को धोखा दे रहे हैं. वही दूसरी ओर इनके गोदामों से यूरिया की कालाबाजारी बदस्तूर जारी है. जिसको देखते हुए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे के जिलाध्यक्ष एव पदाधिकारी व कार्यकर्ताओ ने मुंगेली कलेक्टर को यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाते व ऐसे कालाबाजारी कर मुनाफाखोरी करने वाले के ऊपर उचित से उचित कार्यवाई करते हुए बाजारों में निर्धारित दर पर यूरिया विक्रय के संबंध में ज्ञापन सौपा है.

कालाबाजारी रोकें नहीं तो आंदोलन: मनीष..

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष शर्मा ने तल्ख तेवर के साथ कहा कि सीधी बात शायद कालाबाजारियों के कान तक पहुंच नहीं पा रही है. उन्होंने किसानों के हित के लिए कालाबाजारियों को सबक सिखाने की बात कही है. उनका कहना था कि जरूरत पड़ी तो वे कालाबाजारी रोकने के लिए आंदोलन करने को भी बाध्य हो सकते है इसके लिए उन्होंने कृषि अधिकारियों को इस दिशा में किसी प्रकार का कोई समझौता ना करने की सलाह दी है.

किसान हो रहे परेशान..

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खाद के छिड़काव से कीट,फंगस एवं खरपतवार जड़ से नष्ट करने से धान की पैदावार बढ़ जाती है. इससे किसान इन दिनों यूरिया खाद का ही इस्तेमाल कर रहे है,परंतु यहां की कुछ दुकानों में किसानों की जरूरत का गलत फायदा उठा रहे है. 266 रुपए की यूरिया खाद 500 रुपए प्रति बोरी तक बेचकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे है.

बात दे कि सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक स्थिति से उभारने के लिए कर्जा माफी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की सौगात दी गयी है. ताकि किसानों की उन्नति हो सके और कृषि में अधिक लाभ कमाकर राज्य और देश को भी उन्नत बना सके, लेकिन मुनाफाखोरो द्वारा कालाबाजारी कर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुचना कही न कही देश की उन्नति में बाधक साबित हो रहे है ऐसे में उच्चाधिकारियों को जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देकर मुनाफाखोरों पर उचित कार्यवाई करने की जरूरत समझी जा रही है ताकि परेशान किसानों के आर्थिक शोषण को रोक जा सके और देश को उन्नति की ओर अग्रसर किया जा सके.

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