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सारंगढ़-बिलाईगढ़// धान खरीदी शुरू होने से पहले रकबा कटौती और पीएम किसान सम्मान निधि का पोर्टल बंद होने की समस्या को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार को आंचलिक किसान संघ सरिया के नेतृत्व में किसानों ने महिमा आश्रम चौक से रैली निकालकर तहसील कार्यालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तहसीलदार को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
खेत में धान, रिकॉर्ड में मिर्च और भिंडी दिखा रहा पोर्टल
किसानों की सबसे बड़ी नाराजगी धान खरीदी के लिए किए गए रकबा सत्यापन और डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर है। किसानों का आरोप है कि उनके खेतों में धान की फसल लगी हुई है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड और ऑनलाइन पोर्टल में कहीं मिर्च, कहीं भिंडी तो कहीं अन्य फसल दर्ज दिखाई जा रही है। इससे धान खरीदी के लिए उनका रकबा कम हो गया है। किसानों को आशंका है कि इसका सीधा असर इस साल होने वाली धान खरीदी पर पड़ेगा और उन्हें अपनी ही उपज बेचने में परेशानी उठानी पड़ेगी।
आंचलिक किसान संघ के अध्यक्ष मोहन पटेल ने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है, लेकिन कई किसानों का रकबा कम कर दिया गया है। जिन खेतों में धान लगा है, वहां ऑनलाइन रिकॉर्ड में दूसरी फसल दिखाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि पिछले वर्षों में जिस खसरा नंबर के आधार पर धान खरीदी हुई थी, उसी के अनुसार इस साल भी खरीदी की जाए। जिन किसानों का रकबा कम हुआ है, उनके रिकॉर्ड का तत्काल संशोधन किया जाए।
मोहन पटेल ने कहा कि किसानों को अपनी समस्या लेकर बार-बार पटवारी, आरआई और तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए। राजस्व विभाग के अधिकारी स्वयं खेतों में जाकर फसल की वास्तविक स्थिति देखें और गलत दर्ज जानकारी को सुधारें। उन्होंने कहा कि जब खेत में धान लगा है तो रिकॉर्ड में मिर्च, भिंडी या अन्य फसल दिखाकर किसानों को परेशान करना उचित नहीं है।
पीएम किसान सम्मान निधि का पोर्टल बंद, पात्र किसान परेशान
किसानों ने दूसरी बड़ी समस्या पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर उठाई। उनका कहना है कि कई पात्र किसान योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। ऑनलाइन पोर्टल बंद होने के कारण नए आवेदन और जरूरी सुधार नहीं हो पा रहे हैं। इसके चलते पात्र किसान योजना का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं। किसानों ने मांग की है कि पोर्टल दोबारा खुलवाया जाए, ताकि छूटे हुए पात्र किसानों का पंजीयन और जरूरी प्रक्रिया पूरी हो सके।
अधिकारियों की अनुपस्थिति में आरआई को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद किसान तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार की अनुपस्थिति में राजस्व निरीक्षक हेमसागर चौधरी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक ने बताया कि धान खरीदी में अनावश्यक रकबा कटौती नहीं होनी चाहिए और पारदर्शिता के साथ खरीदी होनी चाहिए। किसानों की मांग और उनकी भावनाओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि का ऑनलाइन पोर्टल खुलवाने के संबंध में दिए गए आवेदन को तहसीलदार के समक्ष रखा जाएगा, ताकि किसान हित में आगे की कार्रवाई हो सके।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों का कहना है कि धान खरीदी का समय नजदीक है, इसलिए रकबा संशोधन में देरी उनके लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। यदि समय रहते रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हुए तो कई किसान अपनी पूरी उपज समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएंगे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ कहा कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले और जल्द समाधान करे। फिलहाल किसानों को अधिकारियों की ओर से किसी ठोस आश्वासन का इंतजार है। अब देखना होगा कि धान खरीदी शुरू होने से पहले रकबा संबंधी गड़बड़ियों और पीएम किसान पोर्टल की समस्या पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।


