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सारंगढ़ बिलाईगढ़// चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। इसी के साथ ही सरिया-बरमकेला समेत पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में बुधवार, 29 अक्टूबर को बारिश का असर देखने को मिला। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने जिले के विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित किया था।
वहीं, चक्रवात के संभावित प्रभाव से बचाव और आपात स्थिति में राहत उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की व्यवस्था सक्रिय कर दी है। नागरिकों को जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला, अनुविभागीय और तहसील स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की है।
बारिश से जनजीवन प्रभावित, सुरक्षा के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश
बुधवार को सरिया-बरमकेला समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों और छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालयों एवं आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित किया था। बारिश के दौरान आवागमन में होने वाली परेशानियों और खराब मौसम से उत्पन्न संभावित जोखिमों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
चक्रवात के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बरती जा रही है। आपात स्थिति में लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए नियंत्रण कक्षों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए गए हैं।
चक्रवात को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे सक्रिय रहेगा नियंत्रण कक्ष
चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने आपदा राहत एवं नियंत्रण व्यवस्था को सक्रिय किया है। प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, जिला स्तर से लेकर अनुविभागीय और तहसील स्तर तक संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। इनके माध्यम से नागरिक आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली के तार टूटकर गिरने या किसी अन्य विद्युत संबंधी समस्या की स्थिति में उनसे दूरी बनाए रखनी चाहिए और संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और पानी के तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों को भी अपनी कृषि उपज की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक अपने क्षेत्र के संबंधित नियंत्रण कक्ष या प्रशासनिक अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने आपदा राहत व्यवस्था सक्रिय कर दी है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, सुरक्षित रहने और आवश्यकता पड़ने पर जारी हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से सहायता लेने की अपील की है।


