शेयर करें...
रायपुर// छत्तीसगढ़ में किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत से जुड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने और बिजली बिल में रियायत 31 मार्च 2027 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस इलाज, कटघोरा से डोंगरगढ़ तक 295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना और पांच साल में 500 करोड़ रुपये के पर्यटन विकास मिशन को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में किसानों को धान बेचने की प्रक्रिया में राहत देने, सड़क निर्माण कार्यों को गति देने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं।
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार के मुताबिक, प्रदेश में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों को राहत देते हुए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान विक्रय के लिए मान्य किया गया है। ऐसे किसानों को अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें धान बेचने के लिए समिति में अलग से ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी। धान के रकबे का निर्धारण डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से किया जाएगा। वास्तविक किसानों से खरीदी सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था अपनाई जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी।
बिजली बिल में राहत मार्च 2027 तक जारी, 7.25 लाख उपभोक्ताओं को लाभ
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के तहत घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में मिल रही रियायत जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। सरकार के अनुसार, इस फैसले से करीब 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलता रहेगा।
सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस उपचार मिलेगा। इलाज के समय अस्पताल में चिकित्सा खर्च का भुगतान स्वयं करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन तथा डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इस फैसले से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
कटघोरा से डोंगरगढ़ तक 295 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना को मंजूरी
कैबिनेट ने कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 8,000 करोड़ रुपये है। कुल लागत का 25 प्रतिशत यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये अंशपूंजी के रूप में प्रस्तावित है। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार और रेल मंत्रालय करीब 1,000-1,000 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। राज्य सरकार की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड, जिला खनिज न्यास (DMF) और राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी। इस रेल लाइन से उन क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, जहां वर्तमान में रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। इससे उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज को नए बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।
पांच साल में 500 करोड़ रुपये से पर्यटन का विकास
छत्तीसगढ़ में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन को मंजूरी दी है। यह मिशन अगले पांच वर्षों तक संचालित होगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर बेहतर कनेक्टिविटी, आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षा और स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार करना है।
सड़क निर्माण को गति देने के लिए डामर पर मिलेगी मूल्य राहत
बिटुमिन यानी डामर की कीमतों में असाधारण वृद्धि को देखते हुए कैबिनेट ने सड़क निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को मूल्य राहत देने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच वास्तव में खरीदे और इस्तेमाल किए गए बिटुमिन पर कुल 130.88 करोड़ रुपये की राहत बजट अनुदान के रूप में दी जाएगी। राज्य वित्तपोषित सड़क कार्यों के कुछ अनुबंधों में 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच खरीदे और इस्तेमाल किए गए बिटुमिन पर भी राहत दी जाएगी। इसके लिए करीब 70 से 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च का अनुमान है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से लंबित डामरीकरण कार्यों को गति देने और निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।
अधोसंरचना मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026 की गाइडलाइन को मंजूरी दी है। यह मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा। इसके लिए कुल 500 करोड़ रुपये, यानी प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। मिशन के तहत सड़क नेटवर्क का मास्टर प्लान तैयार करने, परियोजनाओं की अग्रिम तैयारी, डिजिटल निगरानी, जीआईएस आधारित नियोजन, गुणवत्ता जांच और सड़क सुरक्षा ऑडिट पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की तैयारी बेहतर बनाना और निर्माण कार्यों में समय तथा लागत बढ़ने की समस्या को कम करना है।
खेल प्रतिभाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत स्कूलों और चयन शिविरों के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी। इसके बाद खिलाड़ियों को फीडर सेंटर, राज्य खेल अकादमियों और उच्च प्रदर्शन केंद्रों के जरिए चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञ कोचिंग, खेल विज्ञान और प्रदर्शन विश्लेषण जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। पहले चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
400 करोड़ के निवेश से राजनांदगांव में बनेगी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी
कैबिनेट ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। परियोजना में लगभग 400 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके तहत किसानों से सीधे फल खरीदने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार के अनुसार, परियोजना से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं। इससे फल उत्पादक किसानों को प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राजनांदगांव जिले के ग्राम खपरीकला में केंद्रीय भंडारण निगम को 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इससे कृषि उपज और अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कोल गैसीफिकेशन में बड़े निवेश को प्रोत्साहन
कैबिनेट ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के कोयला भंडार का मूल्यवर्धित उपयोग बढ़ाना और आयात प्रतिस्थापन को प्रोत्साहित करना है। कैबिनेट ने औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इससे औद्योगिक भूमि के उपयोग को सरल बनाने और खाली या अतिरिक्त भूमि का पारदर्शी ई-नीलामी के जरिए उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कूंरा नगर पंचायत का नाम बदलकर होगा कुंवरगढ़
कैबिनेट ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, कुंवरगढ़ छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल है और अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों तथा तालाबों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप नाम देने की मांग कर रहे थे।
पांच स्थानों की सरकारी संपत्तियों का होगा पुनर्विकास
कैबिनेट ने रिडेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में पांच परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनमें दुर्ग का शासकीय पोल्ट्री फार्म, रामानुजगंज का वेटरनरी हॉस्पिटल परिसर, जशपुर में पुलिस लाइन और रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती का बुधवारी बाजार और धमतरी के रुद्री चौक की सरकारी भूमि शामिल हैं। इन परियोजनाओं को निजी क्षेत्र की भागीदारी से पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, इससे सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग, नई परिसंपत्तियों का निर्माण, राजस्व में वृद्धि और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
कैबिनेट ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े नौ प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लेने के लिए आगे की कार्रवाई की अनुमति दी है। इसके अलावा सुशासन एवं अभिसरण विभाग में तीन नए पदों के सृजन और वन मुख्यालय में एक वर्ष के लिए विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का अस्थायी पद बनाने को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला की सेवा अवधि को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने तथा उनके पात्र परिवारजनों को परिवार पेंशन, एरियर्स और नियमानुसार ब्याज के भुगतान को भी स्वीकृति दी है।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसलों में किसानों के लिए धान खरीदी की व्यवस्था, बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज और रेल-सड़क-पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इनके जमीनी असर का आकलन योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचने के बाद होगा।



