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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सरिया नगर पंचायत में बस स्टैंड के पास स्थित काजू बाड़ी में करीब 20 कहवा पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इस मामले में वार्ड क्रमांक 15 के भाजपा पार्षद सत्यवान मनहर पर आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शी चतुर्भुज धोबा का दावा है कि पेड़ों को काटकर ट्रैक्टर में लोड किया जा रहा था और काटी गई लकड़ियों को पार्षद के घर के सामने इकट्ठा किया गया है। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर मजदूर ट्रैक्टर में लकड़ियां लोड करते दिखाई दे रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर जांच की, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कई सवाल उठ रहे हैं।

शिकायत के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
प्रत्यक्षदर्शी चतुर्भुज धोबा के अनुसार, गुरुवार को बस स्टैंड से लगी छोटे झाड़ के जंगल की जमीन पर करीब 20 कहवा पेड़ काटे जा रहे थे। उनका आरोप है कि मौके पर वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद सत्यवान मनहर मौजूद थे, लेकिन उनके पहुंचते ही पार्षद वहां से चले गए। इसके बाद पार्षद के पुत्र द्वारा मजदूरों के माध्यम से पेड़ों को ट्रैक्टर में लोड कराया जा रहा था। चतुर्भुज का यह भी आरोप है कि घटना का वीडियो बनाने के दौरान उन्हें देख लेने की धमकी दी गई।

पेड़ों की कटाई की अनुमति के संबंध में जब चतुर्भुज धोबा ने नगर पंचायत के सीएमओ लाल सिंह मरकाम से संपर्क किया, तो उनके अनुसार सीएमओ ने इसे वन विभाग के अधिकार क्षेत्र का मामला बताया। इसके बाद नगर के नागरिक जयप्रकाश सोनी ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद शनिवार को वन विभाग के अधिकारी भूषण सिदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और काटे गए पेड़ों के ठूंठ तथा अवशेषों की जांच की।

वन विभाग की कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल
वन विभाग के अधिकारी भूषण सिदार ने दूरभाष पर बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। पेड़ों के ठूंठ और अवशेष देखे गए हैं तथा आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
वहीं, एसडीओ अंकित पांडेय ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत मिलने के बाद जांच टीम भेजी गई थी। उनके अनुसार, शिकायत के आधार पर रेंज स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। पेड़ों की कटाई और ट्रैक्टर में लकड़ी लोड करने से जुड़े वीडियो के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने टीम बनाकर मामले की जांच कराने की बात कही। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मामला राजस्व विभाग से संबंधित है और कार्रवाई राजस्व विभाग को करनी होगी।
वन विभाग, राजस्व विभाग और नगर पंचायत के बीच जिम्मेदारी का सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कार्रवाई की जिम्मेदारी किस विभाग की है। वन विभाग के अधिकारी इसे राजस्व विभाग का मामला बता रहे हैं, जबकि सरिया तहसीलदार ने इसे वन विभाग से संबंधित बताया है। नगर पंचायत सीएमओ भी इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बता चुके हैं। ऐसे में विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जांच के लिए पहुंची वन विभाग की टीम ने मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, शिकायत के बाद जांच और रिपोर्ट भेजे जाने की जानकारी तो सामने आई है, लेकिन पेड़ों की कटाई की अनुमति, लकड़ी की स्थिति और आगे की कार्रवाई को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
पार्षद के घर के सामने लकड़ी होने का दावा
प्रत्यक्षदर्शी चतुर्भुज धोबा ने आरोप लगाया है कि काटे गए पेड़ों की लकड़ियां पार्षद सत्यवान मनहर के घर के सामने खाली स्थान पर इकट्ठा की गई हैं और लकड़ी वहां मौजूद है। यदि यह दावा सही है, तो मौके पर लकड़ी की जांच कर उसके स्रोत और कटाई की अनुमति से संबंधित तथ्यों का सत्यापन किया जाना जरूरी है। सामने आए वीडियो की भी जांच कर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और लकड़ी कहां से लाई गई थी।
फिलहाल, पार्षद पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, लकड़ी की स्थिति का सत्यापन और संबंधित विभाग द्वारा स्पष्ट कार्रवाई जरूरी है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और कथित अवैध कटाई के मामले में जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।



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