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सारंगढ़-बिलाईगढ़// करीब दो साल पहले परिवार से बिछड़ा 8 वर्षीय कमलेश निषाद आखिरकार अपने घर लौट आया। मध्यप्रदेश के सुसनेर थाना क्षेत्र स्थित एक अनाथालय में सुरक्षित मिले कमलेश को उसके परिवार से मिलाने के लिए कनकबीरा पुलिस चौकी ने पहल की। ।लंबे इंतजार के बाद बेटे को सामने देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और परिवार में खुशियां लौट आईं।
सुसनेर के अनाथालय में मिला था मासूम
जानकारी के अनुसार, ग्राम घठोरा निवासी लक्ष्मण निषाद का बेटा कमलेश करीब दो साल पहले भटककर परिवार से दूर हो गया था। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच पता चला कि कमलेश मध्यप्रदेश के सुसनेर थाना क्षेत्र में स्थित एक अनाथालय में सुरक्षित है। इसके बाद उसे घर वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
बच्चे को वापस लाने में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति बाधा बन रही थी। ऐसे में कनकबीरा पुलिस चौकी प्रभारी रामकुमार मानिकपुरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनाथालय और परिजनों के बीच समन्वय स्थापित किया। पुलिस ने परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और कमलेश को लेने के लिए रवाना किया। पुलिस की इस पहल से करीब दो साल से बिछड़ा बच्चा आखिरकार अपने परिवार के बीच पहुंच सका।
चक्रधर पटेल ने उठाई पढ़ाई की जिम्मेदारी
कमलेश की घर वापसी से परिवार के साथ गांव में भी खुशी का माहौल है। इसी दौरान स्थानीय ग्रामीण चक्रधर पटेल ने आगे आकर कमलेश की पढ़ाई-लिखाई की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है। पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में की गई इस पहल को जरूरतमंद परिवार की सहायता और बच्चे को अपनों से मिलाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस की अपील : भटके बच्चे की सूचना तुरंत दें
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कहीं कोई बच्चा भटका हुआ, लावारिस या असुरक्षित स्थिति में दिखाई दे, तो उसे अकेला न छोड़ें। तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या चौकी को सूचना दें, ताकि बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित कर उसे उसके परिवार तक पहुंचाने में मदद की जा सके।


