91 लाख रुपए निकाले, काम नहीं किया, कोसीर के ठेकेदार नंदराम लहरे के खिलाफ FIR, एक महीने से फरार..

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सारंगढ़ बिलाईगढ़// राज्यसभा सांसद की अनुशंसा पर स्वीकृत विकास कार्यों के लिए जारी करीब 1.19 करोड़ रुपए की राशि में से 91.73 लाख रुपए खाते में पहुंचने के बाद भी काम नहीं कराने का मामला सामने आया है। मामले में सारंगढ़ क्षेत्र के कोसीर निवासी और महावीर ट्रेडर्स के संचालक नंदराम लहरे के खिलाफ चक्रधर नगर थाने में धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज हुए करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक नंदराम लहरे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

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11 विकास कार्यों के लिए मिली थी करीब 1.19 करोड़ की मंजूरी

जानकारी के अनुसार कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी के कार्यकाल के दौरान रायगढ़ जिले के लिए सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास मद से कई विकास कार्यों की अनुशंसा की गई थी। इनमें पुसौर क्षेत्र के एकताल, धनुआरडेरा और मिड़मिड़ा में सीसी रोड और सोलर स्ट्रीट लाइट से जुड़े 11 कार्य भी शामिल थे। इन कार्यों के लिए करीब 1.19 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी।

इन कार्यों की निर्माण एजेंसी जनपद पंचायत पुसौर थी। नियम के अनुसार स्वीकृति के बाद संबंधित फाइल निर्माण एजेंसी को भेजी जानी थी और वहां से वर्क ऑर्डर व योजना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू होना था। लेकिन मामले में आरोप है कि प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए महावीर ट्रेडर्स कोसीर के खाते में सीधे बड़ी रकम ट्रांसफर हो गई।

91.73 लाख खाते में आए, न काम हुआ न रकम वापस

बताया गया है कि केंद्रीय नोडल खाता, नई दिल्ली से संबद्ध महावीर ट्रेडर्स कोसीर के खाते में 91,73,976 रुपए ट्रांसफर किए गए। राशि मिलने के बाद भी मौके पर स्वीकृत कार्य पूरे नहीं किए गए और रकम भी वापस नहीं की गई। जब मामले की शिकायत और जांच हुई तो कलेक्टर के निर्देश पर जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

काम पूरा नहीं होने पर नंदराम लहरे को नोटिस जारी किया गया। जानकारी के मुताबिक नोटिस के जवाब में उसने काम पूरा करने के लिए एक महीने का समय मांगा था। लेकिन समय बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुए। इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए राशि की रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

नोटिस के बाद भी नहीं पहुंचा स्पष्टीकरण देने

जांच में विकास कार्य नहीं होने की बात सामने आने के बाद नंदराम लहरे को कलेक्टर के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। लेकिन वह स्पष्टीकरण देने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग को राशि की रिकवरी के साथ पुलिस में अपराध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

चक्रधर नगर पुलिस ने 2-3 सितंबर के आसपास धारा 420 के तहत अपराध दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज हुए करीब एक महीने का समय गुजर चुका है, लेकिन नंदराम लहरे पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और अब यह देखना होगा कि 91 लाख रुपए की राशि कहां गई और स्वीकृत विकास कार्यों की रकम के आहरण की पूरी प्रक्रिया में आखिर किस स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई।

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