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रायगढ़// पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर के अपहरण की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोपियों ने रास्ते में प्रोफेसर को पकड़कर उनकी आंखों पर पट्टी बांधी, चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और मोटरसाइकिल से उन्हें दूसरे स्थान पर ले गए।
वहां मारपीट कर मोबाइल का पासवर्ड और Google Pay व BHIM App की जानकारी हासिल की गई। इसके बाद एक महिला से QR कोड मंगवाकर प्रोफेसर के खाते से करीब 1 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। घटना के बाद आरोपियों ने प्रोफेसर को भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के पंडरीपानी स्थित एक कमरे में बंधक बनाकर रखा।
डबरी के पास आराम कर रहे थे प्रोफेसर, तभी पहुंच गए आरोपी
पीड़ित कपुरचंद गुप्ता पिता डमरू धर गुप्ता, निवासी जकेला ने पुलिस को बताया कि 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच वह गांव में डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान लगने पर वह सड़क किनारे डबरी के पास माइलस्टोन पत्थर पर बैठकर आराम कर रहे थे। इसी दौरान दो व्यक्ति उनके पास पहुंचे और उन्हें पकड़कर डबरी की ओर ले गए।
आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और पेट, गर्दन तथा छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें मोटरसाइकिल से ग्राम पंडरीपानी, थाना भूपदेवपुर क्षेत्र की ओर ले जाया गया। वहां आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM App से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली।
QR कोड मंगवाकर खाते से निकलवा लिए करीब 1 लाख रुपये
आरोपियों ने इसके बाद एक महिला से मोबाइल फोन पर संपर्क किया और उसका QR कोड मंगवाया। इसी QR कोड के जरिए प्रोफेसर के खाते से लगातार रकम ट्रांसफर कराई गई। खाते की करीब 1 लाख रुपये की लिमिट समाप्त होने तक आरोपियों ने राशि ट्रांसफर कराई।
रकम ट्रांसफर कराने के दौरान आरोपियों ने प्रोफेसर को धमकाकर उनके घर फोन भी करवाया। उनसे परिजनों को कुशल-मंगल होने की बात कहलवाई गई, ताकि परिवार को अपहरण की जानकारी न हो सके। इसके बाद उनकी आंखों पर दोबारा पट्टी बांधी गई और उन्हें पंडरीपानी के एक कमरे में ले जाकर बंधक बनाकर रखा गया।
परिजनों को हुआ संदेह, लोकेशन पता कर पहुंचे पंडरीपानी
इधर, प्रोफेसर के परिजनों को पूरे मामले पर संदेह हुआ। उन्होंने अपने स्तर पर लोकेशन का पता लगाया और पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रोफेसर को सकुशल रेस्क्यू किया और उन्हें थाने लाया गया। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
24 घंटे के भीतर एक आरोपी हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रातभर आरोपियों की पतासाजी की। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ग्राम जकेला निवासी आरोपी सुनील सारथी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रोफेसर के अपहरण और उनके UPI के माध्यम से रकम ट्रांसफर कराने की योजना में शामिल होना स्वीकार किया है।
पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना पुसौर में धारा 140(3), 309(6), 142 एवं 351(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य नामजद आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
जिस खाते में रकम गई, वहां से पूरी राशि सुरक्षित कराई
पुलिस ने आरोपियों द्वारा जिस महिला के खाते में रकम ट्रांसफर कराई गई थी, उससे संपर्क किया और ट्रांसफर की गई पूरी रकम को सुरक्षित कराया है। पुलिस अब पूरे मामले में अपहरण की योजना, अन्य आरोपियों की भूमिका और रकम ट्रांसफर कराने के तरीके की जांच कर रही है।
घटना के 24 घंटे के भीतर प्रोफेसर को सकुशल बरामद करने और एक आरोपी को हिरासत में लेने की कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रधान आरक्षक बसंत पांडे, डोल नारायण साव, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, दिलीप सिदार, राहुल सिदार एवं पुलिस स्टाफ की अहम भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपहरण जैसी गंभीर घटनाओं में पुलिस की प्राथमिकता पीड़ित की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी होती है। पुसौर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई कर पीड़ित को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


