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रायपुर// छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये के कथित कोल लेवी मामले में सोमवार को बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने रायपुर की विशेष अदालत में मामले का छठवां पूरक चालान करीब 9500 पन्नों में पेश किया। रिपोर्टों के मुताबिक चालान में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
चालान फिलहाल पेन ड्राइव के जरिए अदालत में प्रस्तुत किया गया। इससे पहले मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत नौ आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया गया था।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी के मुताबिक कई आरोपियों को समन मिल चुका है, जबकि कुछ को अभी समन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि चालान पेन ड्राइव के माध्यम से पेश किया गया है और बचाव पक्ष ने अभी इसकी पूरी सामग्री नहीं देखी है। ऐसे में चालान में कितने गवाह हैं, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतरिम चालान नहीं, बल्कि पूरक चालान है।
देवेंद्र यादव समेत 9 आरोपी पहुंचे कोर्ट
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत नौ आरोपी अदालत में पेश हुए। कोर्ट पहुंचने के बाद यादव ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया और संविधान पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। यादव ने राज्य सरकार पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कुशासन है और सरकार उद्योगपतियों के सामने झुकी हुई है। चिंतामणि महाराज को लेकर उन्होंने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने के बाद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा बदल जाती है।
उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को राजनीतिक प्रताड़ना से जोड़ते हुए कहा कि वह राहुल गांधी के साथ खड़े हैं और हर मोर्चे पर संघर्ष करेंगे। हालांकि ये राजनीतिक आरोप देवेंद्र यादव के बयान हैं, इन पर स्वतंत्र रूप से कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
EOW का दावा- नेताओं को 65 करोड़, अफसरों तक 36 करोड़ से ज्यादा पहुंचे
जांच एजेंसी के दावों के अनुसार कथित कोल लेवी सिंडिकेट से नेताओं को करीब 65 करोड़ रुपये और अफसरों को 36 करोड़ रुपये से अधिक मिलने की बात सामने आई है। जांच में करीब 170 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्ति जब्त किए जाने का भी दावा किया गया है।
एजेंसी के अनुसार अलग-अलग आरोपियों ने कथित तौर पर इस रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने, आभूषण लेने और चुनावी गतिविधियों में किया। जांच एजेंसियों की चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को 11 बार में करीब 3 करोड़ रुपये मिले। जांच के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल खैरागढ़ उपचुनाव और उत्तर प्रदेश चुनाव में किया गया। इसी तरह चार्जशीट में आरोप है कि कथित सिंडिकेट से जुड़े लेनदेन में अन्य नेताओं और अधिकारियों तक भी रकम पहुंचाई गई।
सौम्या चौरसिया और रानू साहू को लेकर भी आरोप
जांच एजेंसी के दावों के मुताबिक, कथित कोल लेवी मामले के मुख्य आरोपी बताए गए सूर्यकांत तिवारी से सौम्या चौरसिया ने 169 बार में करीब 31 करोड़ रुपये लिए। वहीं निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू पर 13 बार में 5.52 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। पूर्व विधायक चंद्रदेव राय को लेकर भी जांच में रकम मिलने और उसके कथित इस्तेमाल का विवरण सामने आया है।
पेश किए गए पूरक चालान से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार EOW ने देवेंद्र यादव, विनोद तिवारी, चंद्रदेव राय, पीयूष साहू, आरपी सिंह, जोगेंद्र सिंह, राहुल मिश्रा, जयप्रकाश मौर्य, दीपेश टांक, रामगोपाल अग्रवाल, रामप्रताप सिंह और सुनील अग्रवाल को आरोपी बनाया है।
अब आगे क्या ?
9500 पन्नों के पूरक चालान के बाद अब अदालत में इसकी सामग्री और आरोपों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। बचाव पक्ष को चालान की सामग्री मिलने और उसका अध्ययन करने के बाद आरोपों पर अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। महत्वपूर्ण: कोल लेवी मामले में EOW/ED की ओर से लगाए गए आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं। किसी व्यक्ति का आरोपी या जांच में नामित होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। अदालत की अंतिम प्रक्रिया और निर्णय के बाद ही आरोपों की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।



