अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति ने पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, माफिया-सिंडिकेट पर नकेल कसने व पत्रकारों को पुख्ता सुरक्षा देने की मांग..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सत्ता और भ्रष्ट सिस्टम की आँखों में आँखें डालकर सच लिखना अब मानों गुनाह बना दिया गया है शासन-प्रशासन की अव्यवस्था, घोटालों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जैसे ही कोई कलमकार आवाज़ उठाता है, बौखलाया हुआ माफिया सिंडिकेट और भ्रष्ट तंत्र सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों के निजी जीवन, परिवार और धर्म पर घटिया हमले शुरू कर देता है। सरगुजा और अंबिकापुर में सच उजागर करने वाले पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और डिजिटल एक्टिविस्टों के चरित्र हनन और संगठित ट्रॉलिंग के इस खौफनाक खेल के खिलाफ अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी कलमकारों ने खुली जंग का ऐलान कर दिया है।

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इसी कड़ी में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला इकाई ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक नवा रायपुर को भी भेजी गई है, जिसमें साफ चेतावनी दी गई है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गला घोंटने की इस कायराना साजिश को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र का गंदा खेल, सवालों पर चरित्र हनन

हाल ही में सहायक प्राध्यापक एवं सामाजिक एक्टिविस्ट अकिल अहमद अंसारी के पत्र ने जिस तरह भ्रष्ट तंत्र की पोल खोली है, उससे स्पष्ट है कि सच बोलने वालों को मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़ने के लिए सोशल मीडिया पर संगठित गिरोह सक्रिय कर दिए जाते हैं।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में ज्ञापन सौंपते हुए अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिलाध्यक्ष नरेश चौहान ने तीखे शब्दों में कहा कि पत्रकार समाज का सजग पहरी है। जब तंत्र नाकाम होता है, तो पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर सच सामने लाता है। लेकिन आज हालात यह कर दिए गए हैं कि तथ्यों पर बहस करने के बजाय पत्रकारों के मान-सम्मान को कुचलने के लिए सोशल मीडिया पर पेड ट्रॉलिंग और धमकियों का सहारा लिया जा रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ की धरती हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ी है। हम अपने साथियों के सम्मान के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेंगे।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ इकाई ने रखीं तीन मांगें

माफिया व सिंडिकेट की उच्चस्तरीय जांच : पत्रकारों व एक्टिविस्टों को सुनियोजित तरीके से टारगेट करने वाले असामाजिक तत्वों, भू-माफियाओं और संगठित गिरोहों को चिन्हित कर निष्पक्ष व त्वरित जांच हो।

कलमकारों को पुख्ता सुरक्षा गारंटी: जनहित और भ्रष्टाचार के खिलाफ बेबाक पत्रकारिता करने वाले मीडियाकर्मियों को भयमुक्त वातावरण और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।

चरित्र हनन व फेक नैरेटिव पर गैर-जमानती कार्रवाई: सोशल मीडिया पर फेक नैरेटिव गढ़ने, व्यक्तिगत रंजिश साधने, परिवार को घसीटने और धमकियां देने वालों को सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाए।

प्रदेश नेतृत्व ने भी खोला मोर्चा, सीएम व गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

उल्लेखनीय है कि इसी मामले को लेकर बिलासपुर में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश प्रताप सिंह परिहार, राष्ट्रीय पदाधिकारी अमित संतवानी और उत्पल सेनगुप्ता के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया है। प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने सीधे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि सरकार ने सच लिखने वालों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो पूरे प्रदेश के कलमकार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ ज्ञापन सौपने पहुचे पत्रकार जिसमे अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के जिलाध्यक्ष नरेश चौहान, कोषाध्यक्ष पिंग्धवज खांडेकर , ब्लाक अध्यक्ष सारंगढ़ समीप अनंत, ब्लाक अध्यक्ष बिलाईगढ़ युवराज निराला, ब्लाक अध्यक्ष कोसीर गुलशन लहरे, ब्लाक उपाध्यक्ष शंभु पटेल, ब्लाक महासचिव तुलसीदास महंत, संतोषी तेंदुलकर उपस्तिथ रहे ।

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