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रायपुर// छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अभी जारी है। दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश के बाद आज भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही गरज-चमक और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार बारिश का असर आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और खुले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
गौरतलब है कि लगातार बारिश के चलते दक्षिण छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर संभाग में हालात ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी है। जिसके कारण सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में जलभराव होने के साथ ही नदी-नाले उफान पर है।
शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण के राजधानी रायपुर, दुर्ग समेत बस्तर और बिलासपुर संभाग में इसका व्याप्त असर देखा गया। लगातार बारिश के कारण जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा।मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अलर्ट पर नजर रखने की अपील की गई है।
बारिश के बीच आज प्रदेशभर के स्कूल रहेंगे बंद
भारी बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त सभी विद्यालयों पर लागू है। मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को घर पर ही रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। सभी जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों को अवकाश के आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
27 सितंबर से बारिश की तीव्रता घटने के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और फैलाव में कमी आने की संभावना है। हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात का खतरा बना रह सकता है। फिलहाल आज भी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।



