जन्मदिन पर आंगनबाड़ी और स्कूल के बच्चों को कराया न्योता भोज, खीर-पूरी और स्वादिष्ट भोजन के साथ बच्चों के चेहरे पर दिखी खुशी..

शेयर करें...

सारंगढ़ बिलाईगढ़// बरमकेला विकासखंड के ग्राम नदीगांव के सरपंच गौरीशंकर विश्वाल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया। इस दौरान बच्चों को स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन कराया गया, जिसमें खीर, पूरी, मीठा केला सहित शाकाहारी व्यंजन शामिल रहे। बच्चों ने उत्साह के साथ भोजन किया और आयोजन का आनंद लिया।

Join WhatsApp Group Click Here

न्योता भोज के इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे भी शामिल रहे। यह आयोजन केवल जन्मदिन की खुशी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ खुशियां बांटने और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी दिया गया। न्योता भोज के माध्यम से ग्रामीणों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपनेपन का एहसास कराया।

कलेक्टर की अपील के बाद सामाजिक सहभागिता

जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में न्योता भोज के माध्यम से सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के लिए लोगों को आगे आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में नदीगांव में भी बच्चों के लिए न्योता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ समाज के लोगों को आंगनबाड़ी और स्कूलों से जोड़ना भी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और ग्रामीण समुदाय के बीच जुड़ाव मजबूत होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत नदीगांव के सरपंच गौरीशंकर विश्वाल, उपसरपंच दृष्टिदेव प्रधान, विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे, प्रधान अध्यापक ठंडाराम ओगरे, शिक्षक कृष्णचंद्र गुप्ता, गांव की महिला प्रमुख पुष्पांजलि विश्वाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्नेहलता पांडे, शाला विकास समिति की अध्यक्ष सुषमा प्रधान, वरिष्ठ नागरिक नंदकिशोर विश्वाल, विकास विश्वाल, बलराम विश्वाल, रोहित शर्मा, सुनील प्रधान, अच्युतानंद प्रधान, संजय निषाद, संपत यादव, गोवर्धन यादव, शरद बारिक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता दिव्या पटेल सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

बच्चों के साथ बांटी खुशियां

न्योता भोज में प्राथमिक विद्यालय नदीगांव और आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान बच्चों के बीच उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों के साथ इस तरह खुशियां बांटना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है और इससे सामुदायिक सहभागिता की भावना भी मजबूत होती है। न्योता भोज के माध्यम से बच्चों को भोजन कराने के साथ यह संदेश भी दिया गया कि समाज के हर व्यक्ति की छोटी-सी पहल बच्चों के बेहतर पोषण और उनके खुशहाल बचपन में योगदान दे सकती है।

Scroll to Top