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मुंगेली// शासकीय राशि के अनाधिकृत अंतरण के मामले में मुंगेली पुलिस ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में पदस्थ रहे एक बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से कुल 26 लाख 87 हजार रुपये के अनाधिकृत लेन-देन की शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी टिकेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को कलेक्टर, जिला मुंगेली के आदेश के आधार पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से संबंधित अनाधिकृत लेन-देन की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश मिले थे। इसके बाद सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपराध क्रमांक 253/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान धारा 316(5) भी जोड़ी गई।
जांच में सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से कुल सात बार अनाधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। इन लेन-देन के माध्यम से कुल 26.87 लाख रुपये की राशि का आहरण और पुनः जमा कर अनियमित तरीके से लेन-देन किया जाना पाया गया।
पुलिस ने मामले में टिकेश कुमार (30 वर्ष), पिता स्व. रैन सिंह, निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर, हाल निवासी हांडीपारा, तात्यापारा चौक, थाना आजाद चौक, रायपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच में पता चला कि आरोपी 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में क्लर्क के पद पर पदस्थ था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को ग्राहक केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, एनईएफटी, आरटीजीएस और राशि अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी मिली हुई थी। बैंक मैनेजर के निर्देश पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के बंद शासकीय खाते को पुनः सक्रिय कराया गया था।
विवेचना में यह भी सामने आया कि 30 सितंबर 2025 को शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में क्रमशः 9.19 लाख रुपये और 9.18 लाख रुपये का अंतरण किया गया। इस तरह शासकीय खाते से कुल 26.87 लाख रुपये का अनाधिकृत अंतरण पाया गया। पुलिस के अनुसार इसमें से 1.61 लाख रुपये अतिरिक्त राशि होने के कारण शासन के खाते में वापस जमा हो गए थे।
पूछताछ में आरोपी ने उक्त राशि का अंतरण बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद सीबीएस प्रणाली के माध्यम से किए जाने की बात कही है। पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, लेन-देन से संबंधित दस्तावेज, सीबीएस प्रणाली में उपलब्ध विवरण और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आने पर उसके खिलाफ धारा 316(5) बीएनएस जोड़ी गई और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 23 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार किया गया। 24 सितंबर को आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने बैंक खातों, ट्रांजेक्शन विवरण, संबंधित व्यक्तियों के बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। पुलिस ने कहा है कि प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है और लेन-देन से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई में निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक ईश्वर सिंह राजपूत तथा आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


