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सारंगढ़ बिलाईगढ़// बड़े आमाकोनी में अवैध महुआ शराब के कारोबार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरिया पुलिस ने 37.900 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त कर 70 वर्षीय नेहरू लाल सिदार को गिरफ्तार किया है। मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि गिरफ्तार नेहरू सिदार भाजपा के जनपद सदस्य के पति विनोद सिदार के पिता बताए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार और संबंधित जनपद सदस्य के भाजपा समर्थित होने के कारण कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
सरिया पुलिस द्वारा दर्ज FIR के मुताबिक 24 सितंबर को थाना प्रभारी एन.एल. राठिया पुलिस बल के साथ सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत की जांच के लिए बड़े आमाकोनी पहुंचे थे। यह शिकायत बरमकेला के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद पटेल द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने विनोद सिदार के घर दबिश दी, जहां उसके पिता नेहरू लाल सिदार मौजूद मिले। तलाशी के दौरान घर से 180-180 एमएल के 8 पाउच और घर से करीब 300 मीटर दूर झोरझोरा जंगल नाला के पास छिपाकर रखी शराब बरामद करने की बात FIR में दर्ज है।
पुलिस ने कुल 37.900 लीटर हाथ भट्ठी की कच्ची महुआ शराब जब्त की। बरामद शराब को अलग-अलग पैकेटों में सील कर कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी को 24 सितंबर को सुबह 11:20 बजे गिरफ्तार किया गया।
उग्रसेन साहू ने मुख्य व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं होने का उठाया सवाल
सरिया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष उग्रसेन साहू ने आरोप लगाया कि बड़े आमाकोनी में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार का विरोध किया जा रहा था, लेकिन पहले कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद अब कार्रवाई हुई है।
उग्रसेन साहू का आरोप है कि मामले में मुख्य आरोपी विनोद सिदार पर कार्रवाई करने के बजाय उसके पिता पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान गोबरसिंहा के सरपंच और जनपद सदस्य प्रतिनिधि उज्ज्वल मिरी मौके पर पहुंचे और थाना प्रभारी पर दबाव बनाने की कोशिश की। कहीं न कहीं राजनैतिक संरक्षण और हस्तक्षेप से के कारण केस प्रभावित हुई है।
उज्ज्वल मिरी ने आरोपों को बताया राजनीतिक द्वेष
गोबरसिंहा के सरपंच और जनपद सदस्य प्रतिनिधि उज्ज्वल मिरी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई राजनीतिक द्वेष के कारण की गई है। उज्ज्वल मिरी के मुताबिक ग्रामीणों ने विसर्जन के लिए घर में कुछ शराब के पाउच रखे थे। उनका आरोप है कि इसके अलावा जंगल और अन्य जगहों से शराब इकट्ठा कर जबरदस्ती मामला बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बिना सर्च वारंट के पहुंची थी और उन्होंने थाना प्रभारी को इसी बात की जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
उज्ज्वल मिरी ने बताया कि इस मामले को लेकर ग्रामीणों के साथ पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर जांच की मांग की गई है। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा रहा है और जनपद सदस्यों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।
थाना प्रभारी बोले- आरोप निराधार, विधिवत हुई कार्रवाई
मामले पर थाना प्रभारी एनएल राठिया ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे दबाव बनाने और जबरदस्ती कार्रवाई के आरोपों को निराधार बताया। थाना प्रभारी के मुताबिक कार्रवाई के दौरान विनोद सिदार मौके पर मौजूद नहीं था और कार्रवाई पूरी होने के बाद वह वहां पहुंचा था। उन्होंने कहा कि शराब आरोपी और ग्रामीणों की निशानदेही पर जब्त की गई है और पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
एक ओर पुलिस इसे सीएम हेल्पलाइन से मिली शिकायत के आधार पर की गई नियमित कार्रवाई बता रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर कई सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर जनपद सदस्य प्रतिनिधि उज्ज्वल मिरी ने कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए जांच की मांग की है। अब मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और लगाए जा रहे आरोपों को लेकर आगे की जांच पर सबकी नजर है।


