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सारंगढ़-बिलाईगढ़// सोशल मीडिया पर किसी परिचित के नाम से आने वाला मैसेज हो या सरकारी अधिकारी बनकर भेजा गया डराने वाला संदेश, साइबर ठग लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। इन्हीं तरीकों से लोगों को सावधान करने के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के छठे सप्ताह में जिलेभर में 61 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 5,295 से अधिक लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए।
परिचित की फेक आईडी बनाकर मांगते हैं पैसे
पुलिस ने जागरूकता कार्यक्रमों में बताया कि साइबर ठग किसी परिचित के नाम और फोटो से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बना लेते हैं। इसके बाद उनके दोस्तों और रिश्तेदारों को इमरजेंसी का हवाला देकर पैसे भेजने को कहते हैं। ऐसे किसी मैसेज पर तुरंत पैसे भेजने के बजाय संबंधित व्यक्ति को उसके वास्तविक मोबाइल नंबर पर फोन कर पूरी जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई।
सरकारी अधिकारी बनकर भी डराते हैं ठग
साइबर ठगी का एक और तरीका सरकारी विभाग या बड़े अधिकारी के नाम से फर्जी आईडी बनाना है। ऐसे मामलों में लोगों को जुर्माने, कार्रवाई या किसी सरकारी मामले का डर दिखाकर पैसे मांगे जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से कहा कि सरकारी विभाग या अधिकारी के नाम से आया कोई संदेश मिलने पर घबराने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी डालने से बचें
पुलिस ने लोगों को अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी है। घर का पता, मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और पहचान से संबंधित संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने से बचने की अपील की गई। इसके अलावा सोशल मीडिया और बैंकिंग खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखने तथा जन्मतिथि या मोबाइल नंबर को पासवर्ड के रूप में इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई।
अनजान लिंक और APK से रहें दूर
पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी भी अनजान लिंक, लुभावने ऑफर या APK फाइल पर बिना जांचे क्लिक न करें। ऐसी छोटी सी गलती साइबर ठगी का कारण बन सकती है। साथ ही रेलवे स्टेशन, बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले फ्री पब्लिक वाई-फाई से ऑनलाइन बैंकिंग या UPI भुगतान नहीं करने की सलाह दी गई।
ठगी हो जाए तो 1930 पर तुरंत कॉल करें
पुलिस ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे देर नहीं करनी चाहिए। तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। ठगी से जुड़े चैट, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखने तथा तुरंत बैंक से संपर्क कर खाते को सुरक्षित कराने की भी सलाह दी गई।
61 जगहों पर पहुंचे पुलिसकर्मी
छत्तीसगढ़ पुलिस के दिशा-निर्देश पर जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। छठे सप्ताह यानी 20 से 26 सितंबर के दौरान जिले के थाना, पुलिस चौकी, स्कूल, कॉलेज और हाट-बाजारों में 61 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के जरिए पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अजनबियों से सावधान रहने, बिना पुष्टि किसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर नहीं करने और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की।


