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सारंगढ़-बिलाईगढ़// नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और आर्थिक जरूरतों से जूझ रहे लोगों को साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से अपना शिकार बना रहे हैं। इसी को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ चल रहे साइबर जागृति अभियान के पांचवें सप्ताह में जिलेभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया।
छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देश पर जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक यह अभियान चलाया जा रहा है। 13 से 19 सितंबर तक चले पांचवें सप्ताह में पुलिस ने असंगठित क्षेत्र के युवाओं और श्रमिकों पर खास ध्यान दिया। इस दौरान जिले के 62 स्थानों पर जागरूकता शिविर लगाए गए, जिनमें 4513 से अधिक लोगों को साइबर अपराध से बचने की जानकारी दी गई।
नौकरी के नाम पर ऐसे फंसाते हैं ठग
पुलिस ने बताया कि साइबर ठग बेरोजगारी और पैसों की जरूरत का फायदा उठाकर फर्जी नौकरी का झांसा देते हैं। नामी कंपनियों के नाम से नकली लेटरहेड और ई-मेल बनाकर नियुक्ति पत्र भेजे जाते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेनिंग फीस या किसी अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि नौकरी का कोई भी ऑफर मिलने पर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से उसकी पुष्टि जरूर करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी को पैसे न दें।
लोन ऐप से भी रहें सावधान
पैसों की जरूरत के समय लोग तुरंत लोन देने वाले ऐप डाउनलोड कर लेते हैं। पुलिस के मुताबिक कई अवैध लोन ऐप मोबाइल में मौजूद फोटो, कॉन्टैक्ट और गैलरी जैसी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा सकता है। पुलिस ने सलाह दी कि लोन ऐप केवल अधिकृत ऐप स्टोर से और भरोसेमंद संस्था का ही डाउनलोड करें। किसी भी अनजान ऐप को कॉन्टैक्ट और गैलरी की अनुमति न दें।
OTP और QR कोड के नाम पर भी हो रही ठगी
जागरूकता शिविरों में पुलिस ने OTP, QR कोड और UPI से होने वाली ठगी के बारे में भी लोगों को समझाया। ठग अक्सर कहते हैं कि पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करें या OTP बताएं। पुलिस ने साफ किया कि पैसा पाने के लिए न तो PIN डालना पड़ता है और न ही QR कोड स्कैन करना पड़ता है। इसी तरह बैंक या पुलिस अधिकारी बनकर कोई OTP, PIN, पासवर्ड या CVV मांगे तो उसे बिल्कुल न बताएं।
KYC के नाम पर भेजे लिंक से बचें
साइबर ठग कई बार मोबाइल पर यह मैसेज भेजते हैं कि KYC अपडेट नहीं होने पर बैंक खाता बंद हो जाएगा। इसके बाद एक फर्जी लिंक भेजकर उसमें बैंक से जुड़ी जानकारी भरने के लिए कहा जाता है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि ऐसे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। व्हाट्सऐप पर किसी परिचित के नाम से APK फाइल या संदिग्ध लिंक आए, तब भी पहले उसकी पुष्टि करें।
रोजगार के लिए सरकारी माध्यम अपनाएं
पुलिस ने युवाओं और श्रमिकों से कहा कि आकर्षक ऑनलाइन विज्ञापनों के झांसे में आने के बजाय रोजगार के लिए सरकारी मान्यता प्राप्त माध्यमों का इस्तेमाल करें। रोजगार कार्यालय के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कर सरकारी और निजी क्षेत्र की वैध नौकरियों की जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा कौशल उन्नयन योजनाओं से जुड़कर तकनीकी प्रशिक्षण लेने और रोजगार मेलों तथा श्रम विभाग के शिविरों में भाग लेने की भी अपील की गई है।
ठगी हो जाए तो देर न करें, तुरंत 1930 पर फोन करें
पुलिस ने बताया कि अगर किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर कॉल करें। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, ठगी की रकम को रोकने की संभावना उतनी ज्यादा रहती है। इसके साथ ही cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। पीड़ित को लेन-देन के स्क्रीनशॉट, मैसेज, कॉल नंबर और बैंक से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। बैंक को सूचना देकर संबंधित खाता या कार्ड भी ब्लॉक कराया जा सकता है।
पुलिस की अपील- सावधान रहें, सुरक्षित रहें
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें। साइबर ठगी या धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए नजदीकी थाना या साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।


