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सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिला प्रशासन का कामकाज और ज्यादा व्यवस्थित तरीके से चले और जरूरी मामलों का समय पर निराकरण हो सके, इसके लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पद्मिनी भोई साहू ने जिला मुख्यालय में पदस्थ अधिकारियों के बीच नए सिरे से काम का बंटवारा किया है। पुराने कार्यविभाजन में आंशिक बदलाव करते हुए अधिकारियों को अलग-अलग शाखाओं, न्यायालयीन मामलों, विभागीय समन्वय, योजनाओं, निर्वाचन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है।
जिला पंचायत सीईओ को कई विभागों के समन्वय की जिम्मेदारी
नए कार्यविभाजन के अनुसार जिला पंचायत सीईओ ऋषिकेश तिवारी को कई विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। उनके जिम्मे पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वच्छ भारत मिशन, सांसद/विधायक आदर्श ग्राम, कृषि, रेशम, पशुपालन, समग्र शिक्षा विकास, अटल डिजिटल पोर्टल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीएम सूर्यघर योजना, विद्युत, अग्रणी बैंक, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खादी ग्रामोद्योग विभाग से जुड़े समन्वय कार्य रहेंगे। इसके अलावा सूचना का अधिकार के प्रथम अपीलीय अधिकारी के रूप में भी वे जिम्मेदारी संभालेंगे। कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे जाने वाले अन्य कार्य भी उन्हें करने होंगे।
बिलाईगढ़ एसडीएम को राजस्व के साथ कई अहम जिम्मेदारियां
बिलाईगढ़ एसडीएम एवं एसडीएमडी ऋचा सिंह को राजस्व और दंडाधिकारी की जिम्मेदारियों के साथ कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक काम भी सौंपे गए हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ लोक बेदखली अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी, पंजीयक लोक न्यास, छत्तीसगढ़ वास स्थान दखल अधिनियम के तहत प्राधिकृत अधिकारी और भू-अर्जन अधिकारी बनाया गया है।
इसके अलावा वे भाड़ा नियंत्रण अधिकारी के साथ डीएमएफ/सीएसआर, वित्त-स्थापना लेखा शाखा और जिला नजरात शाखा का काम भी देखेंगी। वित्त-स्थापना लेखा शाखा के तहत जिला कार्यालय के देयकों पर हस्ताक्षर, आहरण एवं संवितरण तथा दूरभाष, बिजली, पीओएल और वाहन मरम्मत से जुड़े देयकों की नियमानुसार स्वीकृति की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के नियम 100 के तहत 20 हजार रुपये तक के आवर्ती व्यय की स्वीकृति का अधिकार भी उन्हें दिया गया है।
सारंगढ़ एसडीएम के जिम्मे खनिज और खाद्य विभाग
सारंगढ़ एसडीएम उमेश कुमार साहू को एसडीएम एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी के साथ लोक बेदखली अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी, पंजीयक लोक न्यास, वास स्थान दखल अधिनियम के तहत प्राधिकृत अधिकारी और भू-अर्जन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वे भाड़ा नियंत्रण अधिकारी, जिला सत्कार अधिकारी और जिला जनगणना अधिकारी के रूप में भी काम करेंगे। इसके साथ ही खनिज शाखा का प्रभारी तथा खाद्य विभाग, बीज निगम और सीसीबी से जुड़े कार्य भी उनके जिम्मे रहेंगे।
प्रफुल्ल रजक को न्यायालयीन और राजस्व से जुड़े काम
डिप्टी कलेक्टर प्रफुल्ल रजक को न्यायालयीन और राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं। इनमें किराया औचित्य निर्धारण, ई-कोर्ट एवं नजूल प्रकरण, शोध क्षमता प्रमाण-पत्र, ऋण भारमुक्त प्रमाण-पत्र, रीडर शाखा, सहायक अधीक्षक शाखा, प्रतिलिपि एवं स्टेनो शाखा, नजूल जांच, राहत एवं बाढ़ आपदा नियंत्रण, राजस्व लेखापाल शाखा, प्रपत्र एवं लेख सामग्री, जिला जाति प्रमाण-पत्र नोडल अधिकारी, सड़क दुर्घटना प्रकरण, नकल शाखा और जिला विभागीय जांच अधिकारी की जिम्मेदारी शामिल है। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, फूड एंड ड्रग्स, अंत्यावसायी, क्रेडा और रोजगार विभाग के साथ समन्वय का काम भी उन्हें दिया गया है।
शंकर लाल सिन्हा को निर्वाचन सहित कई शाखाओं का प्रभार
डिप्टी कलेक्टर शंकर लाल सिन्हा को उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) की जिम्मेदारी के साथ अधीक्षक, सांख्यिकी लिपिक, वरिष्ठ लिपिक, लाइसेंस, चिटफंड, अल्प बचत, पासपोर्ट, यातायात एवं जिला सड़क सुरक्षा, भाड़ा नियंत्रण और भू-अर्जन शाखा का दायित्व दिया गया है।
विभिन्न आयोगों से आने वाले पत्रों पर त्वरित कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी तथा शासकीय कर्मचारियों के लिए उत्तराधिकार एवं संरक्षण प्रमाण-पत्र जारी करने का काम भी उनके पास रहेगा। उच्च शिक्षा, जिला परिवहन, जिला कोषालय, जिला पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, होमगार्ड, सैनिक कल्याण बोर्ड, जनसंपर्क, दूरसंचार, वन, पर्यावरण, राज्योत्सव, नगर एवं ग्राम निवेश और आयुष विभाग के साथ समन्वय भी वे करेंगे।
डॉ. वर्षा बंसल को भू-अभिलेख से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक जिम्मेदारी
डिप्टी कलेक्टर डॉ. वर्षा बंसल को भू-अभिलेख शाखा के साथ जिला जन सूचना अधिकारी, स्वामित्व योजना, राजस्व मोहर्रिर, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व ट्रस्ट और आवक-जावक शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। भू-अभिलेख स्थापना के देयकों पर हस्ताक्षर, आहरण एवं संवितरण तथा निर्धारित सीमा तक आवर्ती व्यय की स्वीकृति का अधिकार भी उनके पास रहेगा।
मुख्यमंत्री घोषणा, जिला पुरातत्व, संस्कृति एवं पर्यटन, मुख्यमंत्री सहायता कोष, अनुदान राशि, सामान्य एवं मंडी निर्वाचन तथा लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा के प्रश्नों के जवाब समय पर भेजने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है। विभिन्न बैठकों की जानकारी तैयार कराने और आयोगों से प्राप्त पत्रों पर त्वरित कार्रवाई भी उनके दायित्व में शामिल है।
इसके साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण, सेतु निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल संसाधन, कौशल विकास, लाड़ली बहना योजना, उद्योग, वन अधिकार मान्यता पत्र, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, स्वास्थ्य, आयुष्मान एवं व्यय वंदन कार्ड, जिला अस्पताल, सीजीएमएससी तथा खेल, युवा एवं कल्याण विभाग से संबंधित समन्वय का काम भी वे देखेंगी।
भू-अभिलेख शाखा से जुड़े कम्प्यूटरीकरण एवं आधुनिकीकरण, आबादी एवं वन अधिकार मान्यता पत्र, नगरीय क्षेत्रों में भूमिहीन व्यक्तियों के पट्टे, सारंगढ़ नगर पालिका क्षेत्र के प्राधिकृत अधिकारी के रूप में कार्य, गिरदावरी, जियो रिफ्रेशिंग, जिला स्तरीय सीमांकन, मॉडर्न रिकॉर्ड रूम, त्रुटि सुधार और किसान किताब की उपलब्धता एवं वितरण जैसे काम भी उनके जिम्मे रहेंगे।
राणा विजय संभालेंगे ई-गवर्नेंस से जनदर्शन तक की जिम्मेदारी
डिप्टी कलेक्टर राणा विजय को शासकीय आवास गृह आबंटन, जिले में आयोजित परीक्षाओं के नोडल अधिकारी, ई-गवर्नेंस सोसायटी, ईडीएम, वीडियो कॉन्फ्रेंस, चिप्स, मुख्यमंत्री कार्यालय, निवास/सचिवालय एवं राजभवन तथा सांसदों और विधायकों से प्राप्त पत्रों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण या शासन को संबोधित ज्ञापनों पर कार्रवाई, सहायक जिला सत्कार अधिकारी, पेपर कटिंग, जनसमस्या निवारण शिविर, जनसंवाद, मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर जनदर्शन, समय-सीमा शाखा और शिकायत शाखा का काम भी वे देखेंगे। जिला योजना एवं सांख्यिकी, आबकारी, श्रम, आदिवासी विकास तथा धरती आभा उत्कर्ष अभियान से जुड़े विभागीय समन्वय की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई है।
काम और जिम्मेदारियां हुईं स्पष्ट
नए कार्य विभाजन से जिला प्रशासन की अलग-अलग शाखाओं और विभागों के काम को अधिकारियों के बीच स्पष्ट रूप से बांटा गया है। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ जरूरी प्रकरणों के समय पर निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे विषय या मामले, जो किसी अधिकारी को अलग से आबंटित नहीं किए गए हैं, उनका काम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा किया जाएगा।



