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रायगढ़// मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचे। अघोरेश्वर भगवान राम जी के अवतरण दिवस के अवसर पर उन्होंने उपासना स्थल पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और आश्रम की परंपरा के अनुसार पंगत में बैठकर प्रसाद भी ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री के दौरे का प्रमुख कार्यक्रम अघोरेश्वर भगवान राम विद्या मंदिर के नए भवन का लोकार्पण रहा। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के साथ विद्यार्थियों की विज्ञान प्रदर्शनी देखी। बच्चों द्वारा तैयार वैज्ञानिक मॉडल और नवाचारों को देखकर मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की सराहना की।
8 एकड़ में तैयार हुआ नया विद्यालय परिसर
अघोर गुरु पीठ ट्रस्ट बनोरा द्वारा तैयार किया गया नया विद्यालय परिसर करीब 8 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। लगभग एक लाख वर्गफीट में बने जी प्लस-2 भवन में विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विद्यालय में कुल 41 कक्षाएं और 9 आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई गई हैं।
इसके अलावा पुस्तकालय और स्मार्ट क्लास की सुविधा भी दी गई है। नर्सरी कक्षाओं के बच्चों के लिए खेल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के संचालन के लिए 32 शिक्षक और 14 कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। परिसर में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित वातावरण पर भी ध्यान दिया गया है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अघोरेश्वर भगवान राम जी का जीवन मानव सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है। बनोरा अघोर गुरु पीठ इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि नए विद्या मंदिर भवन से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा के अवसर मिलेंगे। शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक के तेजी से विस्तार का है। बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें आधुनिक संसाधन और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर देने की है। विद्यालय की विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच दिखाई दी है।
शिक्षकों को बताया राष्ट्र निर्माण की मजबूत कड़ी
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में ज्ञान के साथ अनुशासन, संस्कार, संवेदनशीलता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का आह्वान किया।
परिवार के पुराने जुड़ाव का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने बनोरा आश्रम से अपने परिवार के पुराने जुड़ाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय केदारनाथ साय, अघोरेश्वर भगवान राम जी के परम शिष्य थे। इसी कारण बचपन से ही परिवार में अघोरेश्वर भगवान राम जी के प्रति श्रद्धा और उनके सेवा-दर्शन का वातावरण रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायगढ़ आने-जाने के दौरान उन्हें कई बार बाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। उन्होंने पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी के प्रति भी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि उनका स्नेह और मार्गदर्शन वर्षों से मिलता रहा है।
स्वास्थ्य और सेवा कार्यों का भी उल्लेख
समारोह में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने कहा कि बनोरा आश्रम आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि नए विद्यालय भवन से आश्रम की सेवा गतिविधियों में शिक्षा का एक और आयाम जुड़ा है। आश्रम से जुड़े सेवा कार्यों में स्वास्थ्य और नेत्र शिविर, जरूरतमंदों की सहायता तथा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया गया।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुकलाल चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आश्रम के पदाधिकारी, संतवृंद, शिक्षक, विद्यार्थी और श्रद्धालु मौजूद रहे।


