शेयर करें...
सारंगढ़-बिलाईगढ़// जनपद पंचायत बरमकेला में 16वें वित्त आयोग मद की राशि के वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत अध्यक्ष विद्या किशोर चौहान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी को शिकायत पत्र सौंपा है। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि 11 सितंबर 2026 को आयोजित सामान्य सभा की बैठक में उन्हें विश्वास में लिए बिना 16वें वित्त आयोग की राशि का वितरण किया गया और भाजपा समर्थित सदस्यों को राशि से वंचित रखा गया।

कांग्रेस समर्थित सदस्यों से सांठगांठ का आरोप
वित्त मंत्री को दिए गए पत्र में भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत अध्यक्ष ने कांग्रेस समर्थित सदस्यों के साथ मिलकर राशि के वितरण का निर्णय लिया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सामान्य सभा की बैठक में 16वें वित्त आयोग मद की राशि के वितरण के दौरान भाजपा समर्थित सदस्यों की राय और सहमति को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। सदस्यों ने अपने पत्र में अध्यक्ष की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी आरोप लगाए हैं। हालांकि ये बातें शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस पत्र से नहीं होती है।
बैठक में कथित तौर पर विवादित व्यवहार का भी उल्लेख
शिकायत पत्र में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिक्षा शर्मा के व्यवहार का भी उल्लेख किया गया है। भाजपा समर्थित सदस्यों का आरोप है कि बैठक के दौरान उनके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया गया और उन्हें “एटिट्यूड” वाला कहा गया। इसी तरह पत्र में जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा भाजपा समर्थित सदस्यों से कथित तौर पर यह कहे जाने का भी उल्लेख है कि “5 मिनट का समय बहुत है, देख लो”, तथा इससे अधिक समय नहीं दिए जाने की बात कही गई। सदस्यों ने इन कथित टिप्पणियों को लेकर भी नाराजगी जताई है।
भाजपा समर्थित सदस्यों में असंतोष का दावा
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अध्यक्ष की कार्यप्रणाली के कारण भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों में असंतोष और निराशा की स्थिति बनी है। उनका आरोप है कि लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है और जनपद पंचायत के कामकाज में उन्हें अपेक्षित रूप से विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। सदस्यों ने 11 सितंबर की सामान्य सभा की कार्यवाही में 16वें वित्त आयोग मद की राशि के वितरण की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कथित रूप से नियमों के विपरीत अथवा सदस्यों को विश्वास में लिए बिना किए गए वितरण को निरस्त करने की मांग रखी है।
वित्त मंत्री से कार्रवाई की मांग
भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की है। शिकायत पत्र में 11 सितंबर 2026 की सामान्य सभा की कार्यवाही की जांच कराने, 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा करने और जनपद अध्यक्ष द्वारा भाजपा समर्थित सदस्यों की कथित उपेक्षा को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
अब इस शिकायत पर जिला प्रशासन, जनपद पंचायत और संबंधित विभाग की ओर से क्या तथ्य सामने आते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा। खास तौर पर 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण से जुड़े प्रस्ताव, सामान्य सभा की कार्यवाही और सदस्यों की आपत्तियों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस से अध्यक्ष बनीं, फिर भाजपा में शामिल हुईं, पुराना राजनीतिक समीकरण फिर चर्चा में
बरमकेला जनपद पंचायत की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को समझने के लिए अध्यक्ष विद्या किशोर चौहान का राजनीतिक सफर भी महत्वपूर्ण है। वर्ष 2025 के जनपद अध्यक्ष चुनाव में डॉ. विद्या किशोर चौहान कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थीं और उन्होंने भाजपा समर्थित प्रत्याशी दीपमाला जांगड़े को 13-12 मतों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद हासिल किया था। इसी चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और मारपीट की घटना भी सामने आई थी, जिसके बाद बरमकेला जनपद का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया था।
इसके कुछ महीनों बाद जून 2025 में विद्या किशोर चौहान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद बरमकेला जनपद की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव आया और अलग-अलग खेमों के समीकरण भी बदले। अब 16वें वित्त आयोग की राशि के वितरण को लेकर भाजपा समर्थित जनपद सदस्यों द्वारा ही अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत किए जाने से एक बार फिर बरमकेला जनपद की अंदरूनी राजनीति चर्चा में आ गई है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अध्यक्ष या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।



You must be logged in to post a comment.