पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर दिल्ली जंतर-मंतर पर जुटेंगे देशभर के पत्रकार, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की ऑनलाइन बैठक में आंदोलन की रणनीति तय..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा को लेकर अब आंदोलन को दिल्ली तक ले जाने की तैयारी है। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, छत्तीसगढ़ की ऑनलाइन बैठक में आगामी 1 दिसंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित अनिश्चितकालीन देशव्यापी धरना-प्रदर्शन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ प्रदेश कार्यकारिणी, जिलाध्यक्ष और विभिन्न क्षेत्रों के सक्रिय पत्रकार शामिल हुए।

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दबाव और धमकियों के बीच पत्रकार सुरक्षा की मांग

बैठक में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों को कई बार दबाव, धमकी और हमलों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संगठन का कहना है कि पत्रकारों को सुरक्षित माहौल देना केवल पत्रकारों की सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत बनाए रखने से भी जुड़ा हुआ है।

देशभर के पत्रकारों को दिल्ली पहुंचने का आह्वान

राष्ट्रीय समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों राकेश प्रताप सिंह परिहार और महफूज खान ने बताया कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर देश के अन्य राज्यों में भी दिल्ली आंदोलन को लेकर पत्रकारों के बीच संवाद शुरू हो चुका है। संगठन के अनुसार 1 दिसंबर को देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में पत्रकार जंतर-मंतर पहुंचेंगे और केंद्र सरकार के सामने देशभर में जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग रखेंगे।

जिला स्तर पर तेज होगी आंदोलन की तैयारी

ऑनलाइन बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आंदोलन की तैयारियों और पत्रकारों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर सुझाव दिए। सभी ने एकजुट होकर दिल्ली कूच करने पर सहमति जताई। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर बैठकें आयोजित कर अधिक से अधिक पत्रकारों को आंदोलन से जोड़ने का निर्णय भी लिया गया।

संगठन ने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में निर्भीक होकर पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। संगठन का कहना है कि यदि पत्रकार भय और दबाव में काम करेगा तो समाज तक निष्पक्ष सूचना पहुंचाने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसी उद्देश्य से जंतर-मंतर से केंद्र सरकार तक अपनी मांग मजबूती से पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

ऑनलाइन बैठक में राकेश प्रताप सिंह परिहार, महफूज खान, गोविंद शर्मा, राकेश तंबोली, क्रांति रावत, नरेंद्र चौबे, राजेश सोनी, नरेश चौहान, गुड्डू फारूकी, नारायण बाइन, नेहरू देवांगन, रामकृष्ण पाठक, उमा यादव, सुरजीत सिंह रैना, कुसुम, गुरचरण और नीरज विश्वास सहित अनेक पत्रकार साथी उपस्थित रहे।

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