सीएम आदिवासी नहीं, बनवासी हैं, दीपक बैज का बड़ा हमला, बोले- BJP के नाराज फूफा जल्द आएंगे कांग्रेस में..

शेयर करें...

बिलासपुर// छत्तीसगढ़ की सियासत में कांग्रेस ने संगठन मजबूत करने के साथ ही बीजेपी पर हमले तेज कर दिए हैं। बिलासपुर में आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय संगठन सृजन एवं प्रशिक्षण शिविर के समापन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा के नाराज नेताओं के कांग्रेस पार्टी में जल्द शामिल होने की बात कही।

Join WhatsApp Group Click Here

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में सत्ताधारी बीजेपी और विपक्ष में बैठी कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर लगातार हमलावर बनी हुई है। हर एक मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर सवाल खड़े कर जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत बनाने की जुगत लगे हुए है। ऐसे में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने एक बार फिर मुख्यमंत्री साय और बीजेपी के नाराज नेताओं को लेकर तीखा हमला बोला है।

दरअसल बिलासपुर में तीन दिवसीय संभाग स्तरीय संगठन सृजन एवं प्रशिक्षण शिविर के समापन का मौका था, लेकिन इस शिविर में भी दीपक बैज ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री की आदिवासी पहचान पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी नहीं, बनवासी हैं। बैज ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री वास्तव में आदिवासी होते तो आदिवासी दिवस के मौके पर समाज को बधाई देते।

बैज यहीं नहीं रुके उन्होने हाल ही में भाजपा सरकार में मंत्री खुशवंत साहेब के बड़े भाई और गुरु बालदास के बेटे ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। और कहा कि भाजपा के नाराज फूफा बहुत जल्द कांग्रेस में आने की तैयारी कर रहे हैं। समय का इंतजार करिए, भारतीय जनता पार्टी अपने आप को बचा नहीं पाएगी।दीपक बैज के बयान का राजनीतिक संदेश साफ है। कांग्रेस अब ढाल दास की एंट्री को केवल एक नेता के पार्टी बदलने की घटना के तौर पर नहीं, बल्कि बीजेपी के भीतर असंतोष का संकेत बताने की कोशिश कर रही है। बैज का दावा है कि ढाल दास के बाद आने वाले दिनों में भाजपा के और नाराज नेता कांग्रेस का रुख कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल उन्होंने किसी नेता के नाम का खुलासा नहीं किया है।

मतलब साफ है कांग्रेस की तरफ से सियासी नैरेटिव यह बनाने की कोशिश है कि बीजेपी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा और आने वाले दिनों में पार्टी को और झटके लग सकते हैं। शिविर के समापन पर बैज ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए ये नेता उनके साथ आगे की पंक्ति में चलते थे, लेकिन भाजपा में जाने के बाद पीछे की लाइन में भी नजर नहीं आते। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा में कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाती, जबकि कांग्रेस में संगठन के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व करने का अवसर मिलता है।

कोल ब्लॉक से शराब तक सरकार पर हमला

दीपक बैज ने कोल ब्लॉक और छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के जल, जंगल और जमीन को लेकर सरकार की नीतियां पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाली हैं। उन्होंने हाथी-मानव संघर्ष और पर्यावरण के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर बड़ी लड़ाई लड़ेगी। शराब के मुद्दे पर बैज ने नकली शराब, होलोग्राम और पैकिंग को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रदेश में शराब सिंडिकेट चलने का दावा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित नेटवर्क से निकलने वाला पैसा और कमीशन आखिर किस स्तर तक पहुंच रहा है।

सियासी लड़ाई का नया नैरेटिव

बिलासपुर के शिविर से दीपक बैज ने एक साथ कई राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की-संगठन को चुनाव के लिए तैयार करना, सरकार के खिलाफ मुद्दे खड़े करना और बीजेपी के भीतर कथित असंतोष को कांग्रेस के पक्ष में राजनीतिक अवसर के तौर पर पेश करना। ढाल दास की कांग्रेस में एंट्री ने इस नैरेटिव को और हवा दी है। अब बैज के ‘नाराज फूफा’ वाले दावे के बाद निगाहें इस बात पर रहेंगी कि क्या वाकई बीजेपी का कोई और बड़ा चेहरा कांग्रेस का दामन थामता है या यह फिलहाल कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति और दबाव बनाने की कोशिश तक सीमित रहता है।

Scroll to Top