प्रधान डाकघर में 35 लाख का फर्जीवाड़ा, पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड, 15 खाताधारकों की FD की रकम में की गई थी हेराफेरी..,

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रायपुर// अंबिकापुर के प्रधान डाकघर में करीब 35 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद डाक विभाग में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में करीब 15 खाताधारकों की FD मैच्योर होने के बाद उनकी रकम बचत खातों में जमा करने के बजाय अलग-अलग दूसरे खातों में ट्रांसफर कर निकाले जाने का खुलासा हुआ है।

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मामले में डाक विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पोस्ट मास्टर, सुपरवाइजर और डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद मामले में FIR दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक प्रधान डाकघर में चल रहे इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब बलरामपुर जिले के खाताधारक सिराजुल हक ने अगस्त में शिकायत की कि उनकी FD की समयपूर्णता के बाद भी रकम उनके खाते में जमा नहीं हुई। नियम के मुताबिक FD मैच्योर होने के बाद उसकी राशि संबंधित जमाकर्ता के बचत खाते में ट्रांसफर की जानी थी।

शिकायत मिलने के बाद सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह केवल एक खाते की गड़बड़ी नहीं थी। प्रारंभिक जांच में करीब 15 खाताधारकों की मैच्योर FD की रकम उनके खातों में भेजने के बजाय दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई।

विभाग के मुताबिक, मार्च 2026 से अब तक 35 लाख रुपये से अधिक की राशि में हेराफेरी सामने आई है। रकम को कथित तौर पर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाला गया। मामला सामने आने के बाद अब विभाग अन्य उन खातों की भी जांच कर रहा है, जिनकी FD इस अवधि में मैच्योर हुई थीं। ऐसे में जांच का दायरा बढ़ने के साथ कथित फर्जीवाड़े की रकम और प्रभावित खाताधारकों की संख्या बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारी निलंबित

प्रधान डाकघqर के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर में FD की समयपूर्णता के बाद रकम को बचत खाते में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया होती है। इसमें डाटा एंट्री ऑपरेटर, सुपरवाइजर और पोस्ट मास्टर की भूमिका रहती है। प्रारंभिक जांच में डाटा एंट्री ऑपरेटर रामजी लाल मीना की मुख्य भूमिका सामने आने की बात कही गई है। वहीं इंश्योरेंस का काम देखने वाली सुपरवाइजर श्वेता श्रीवास्तव और पोस्ट मास्टर मनोज पांडेय की लापरवाही भी जांच में सामने आई है। विभाग ने तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

फर्जीवाड़े से प्रभावित खाताधारकों के लिए विभाग ने राहत की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित जमाकर्ताओं की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सहायक अधीक्षक अजय सिंह चौहान ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

अंबिकापुर प्रधान डाकघर में सामने आया यह मामला केवल लाखों रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डाकघर की आंतरिक निगरानी और वित्तीय प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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