तारा कोल ब्लॉक नीलामी पर भूपेश बघेल का CM साय पर हमला, बोले- छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बनाने की दिशा में एक कदम और..

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रायपुर// छत्तीसगढ़ में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के जंगलों और पर्यावरण की कीमत पर अडानी समूह को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

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भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बधाई दी और कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ को ‘अडानीगढ़’ बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के इस बयान के बाद एक बार फिर सूबे की सियासत गरमाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पेड़ों की कटाई को लेकर आंदोलन तेज होने की बात कही जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने बयान में दावा किया कि वर्ष 2023 में उनकी सरकार ने तारा ब्लॉक की नीलामी पर आपत्ति जताई थी और नीलामी नहीं होने दी थी। उनका आरोप है कि इस बार तारा कोल ब्लॉक की नीलामी होने दी गई और यह ब्लॉक अडानी समूह की कंपनी सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड को मिला है। इसी को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर सीधा राजनीतिक हमला बोला है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने तारा कोल ब्लॉक के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि तारा ब्लॉक का करीब 80 प्रतिशत क्षेत्र अत्यधिक घने जंगल वाला है। भूपेश बघेल ने अपने बयान में कहा कि ऐसे घने जंगल देश के कुल क्षेत्रफल के दो प्रतिशत से भी कम हिस्से में हैं और तारा ब्लॉक के मामले में पर्यावरण को नुकसान की आशंका बेहद गंभीर है।

हालांकि इन दावों और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी पर्यावरणीय आकलन और आधिकारिक प्रक्रियाओं से स्पष्ट होगी। भूपेश बघेल ने तारा ब्लॉक की नीलामी को हसदेव अरण्य से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इससे इलाके में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हो सकता है।

उन्होंने दावा किया कि हसदेव अरण्य में करीब 10 लाख और पेड़ों की कटाई का रास्ता खुल गया है, जबकि अडानी समूह पहले से ही करीब 25 लाख पेड़ों की बलि देने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी कहा कि जंगलों की कटाई से हसदेव बांगो बांध के अस्तित्व पर भी खतरा पैदा हो सकता है। इन दावों को लेकर अब सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से सामने आने वाला आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।

न छत्तीसगढ़ महतारी माफ करेगी, न जनता-भूपेश बघेल

भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विनाश की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता और छत्तीसगढ़ महतारी ऐसे फैसलों को माफ नहीं करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान ने कोयला, जंगल और उद्योग से जुड़े मुद्दे को एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।

छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। कोयला खनन, जंगलों की कटाई, आदिवासी अधिकार और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले भी तीखी बयानबाजी होती रही है। अब तारा कोल ब्लॉक की नीलामी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है। कांग्रेस इसे सरकार की पर्यावरण नीति और उद्योगों के प्रति कथित झुकाव से जोड़ रही है, जबकि इस पूरे मामले में आगे सरकार का आधिकारिक पक्ष और पर्यावरणीय मंजूरियों की स्थिति भी अहम होगी।

अब सरकार के जवाब का इंतजार

तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर सीधा राजनीतिक हमला बोल दिया है। उन्होंने इसे जंगल और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताते हुए सरकार को घेरा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार कांग्रेस के इन आरोपों पर क्या जवाब देती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि तारा ब्लॉक से जुड़े पर्यावरणीय आकलन, वन संबंधी मंजूरियां और खनन की आगे की प्रक्रिया क्या रहती है। फिलहाल तारा कोल ब्लॉक की नीलामी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘जंगल बनाम कोयला’ की पुरानी बहस को एक बार फिर जिंदा कर दिया है।

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