जिला शिक्षा अधिकारी ने ली समीक्षा बैठक, कहा – प्राथमिक स्तर के बच्चों को 20 और पूर्व माध्यमिक स्तर के बच्चों को 25 तक के आना चाहिए पहाड़े..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री की मैराथन बैठक के बाद कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर बुधवार को जनपद पंचायत बरमकेला के सभा कक्ष में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी टी.आर. डहरिया, जिला समग्र शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार चौहान और विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे ने बरमकेला विकासखंड के सभी संकुल समन्वयकों और प्राचार्यों से विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।

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स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर

जिला शिक्षा अधिकारी टी.आर. डहरिया ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी और शिक्षक जिम्मेदारी व समर्पण के साथ काम करें।

उन्होंने स्कूल में केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। संकुल प्राचार्यों और समन्वयकों को निर्धारित दौरा चार्ट के अनुसार स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने तथा बीईओ और बीआरसीसी को निरीक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

ऑनलाइन कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश

बैठक में ऑनलाइन अटेंडेंस, VSK ऐप, CG स्कूल पोर्टल, यू-डाइस के सभी पैरामीटर, स्कूल प्रोफाइल, अपार आईडी, छात्रवृत्ति, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, CG स्कूल में लंबित अवकाश और IPR एंट्री सहित विभिन्न ऑनलाइन कार्यों की समीक्षा की गई। इन सभी कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

योग, खेल और कराटे से जोड़ने पर जोर

विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ योग, खेलकूद, कराटे, स्काउट-गाइड और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। छात्राओं के लिए कराटे प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से संचालित करने, बैगलेस डे को प्रभावी बनाने और स्कूलों में मंत्रोच्चारण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक स्तर के बच्चों को 20 तक और पूर्व माध्यमिक स्तर के बच्चों को 25 तक के पहाड़े आना अनिवार्य बताया गया। वहीं कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों में धारा प्रवाह हिंदी पढ़ने की क्षमता विकसित करने पर विशेष ध्यान देने कहा गया।

परीक्षा की तैयारी और शिक्षकों की उपस्थिति की समीक्षा

आगामी परीक्षाओं को लेकर पाठ्यक्रम पूर्णता, ब्लूप्रिंट, सतत मूल्यांकन और तिमाही परीक्षा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, डेली डायरी का संधारण करने और कक्षा में मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

जर्जर स्कूल भवन और शौचालयों की मरम्मत पर भी चर्चा

बैठक में जर्जर शौचालयों के निर्माण, क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की मरम्मत और अत्यंत जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवन निर्माण के प्रस्ताव शासन को भेजने की जानकारी दी गई। स्कूलों में आईसीटी, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और प्रयोगशाला कक्ष का नियमित उपयोग करने के साथ साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

किचन गार्डन से लेकर NEET कोचिंग तक की समीक्षा

प्रत्येक स्कूल में किचन गार्डन विकसित करने, न्यौता भोज अनिवार्य रूप से कराने और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने कहा गया। स्कूलों को तंबाकू और नशामुक्त शिक्षण संस्थान बनाने के लिए नशामुक्ति संबंधी पोस्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा लईका चिन्हारी ऐप, NEET कोचिंग, पुस्तक स्कैनिंग, अपार आईडी और CM हेल्पलाइन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को शासन से मिलने वाली राशि का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने तथा जिला, ब्लॉक और संकुल स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

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