बिलासपुर रेंज की अपराध समीक्षा बैठक: NDPS और गो-तस्करी पर सख्ती, डिजिटल पुलिसिंग को 100% लागू करने के निर्देश..

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बिलासपुर// पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग ने 1 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेंज स्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक ली। बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

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बैठक में नए आपराधिक कानून BNS और BNSS के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निराकरण, CCTNS और अन्य IT पोर्टल्स के शत-प्रतिशत उपयोग, डिजिटल साक्ष्य, NDPS मामलों तथा गो-तस्करी पर कार्रवाई को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

60 और 90 दिन की समय-सीमा में चालान पेश करने के निर्देश

आईजी ने थानों में लंबित मामलों की संख्या शून्य करने के लिए पुराने मामलों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। BNSS के तहत 60 और 90 दिनों की वैधानिक समय-सीमा के भीतर चालान या खात्मा रिपोर्ट पेश करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों को साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई।

नए कानूनों के तहत न्याय संहिता डैशबोर्ड, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-साक्ष्य के उपयोग की भी समीक्षा की गई। आईजी ने इन तकनीकी व्यवस्थाओं का अधिक से अधिक उपयोग कर न्याय प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर दिया।

डिजिटल एमएलआर से लेकर ई-मालखाना तक 100% उपयोग पर जोर

बैठक में MedLEaPR के माध्यम से हस्तलिखित पर्चियों के स्थान पर डिजिटल एमएलआर और पीएमआर रिपोर्ट का 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विवेचकों के डिजिटल हस्ताक्षर आधार आधारित करने और शिकायतकर्ताओं के ई-साइन के लिए थानों में डिजिटल पेन या इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर की व्यवस्था करने को कहा गया।

वहीं e-Sakshya, e-Forensic और e-Malkhana के इस्तेमाल को भी अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। जब्त माल को ई-फॉरेंसिक के माध्यम से भेजने और थाना व जिला स्तर पर ई-मालखाना व्यवस्था को बारकोड के साथ पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। CCTNS में Integrated Investigation Forms (IIF-1 से 11) और ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) की प्रविष्टियों को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।

NDPS मामलों में ANTF की मौजूदगी और तस्करों की संपत्ति पर कार्रवाई

मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई के दौरान प्रक्रियात्मक गलतियों को रोकने के लिए ANTF प्रभारी या प्रशिक्षित अधिकारी की मौके पर मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मादक पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल वाहनों को सक्षम मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री तैयार करने को कहा गया। आदतन तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के लिए PIT-NDPS और SAFEMA के तहत ठोस प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।

गो-तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोहों पर कसेगा शिकंजा

गो-तस्करी के संगठित और अंतरराज्यीय गिरोहों पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। आईजी ने तस्करी के पूरे नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर वित्तीय जांच करने, आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने और उनकी संपत्ति अटैच करने के निर्देश दिए। जब्त वाहनों के त्वरित राजसात और सार्वजनिक नीलामी के लिए कलेक्टर कोर्ट से समन्वय करने तथा अंतरराज्यीय सीमाओं से लगे रास्तों पर 24 घंटे सघन चेकिंग करने को कहा गया।

लापरवाही पर सीधे तय होगी जिम्मेदारी

आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी पुलिस अधीक्षकों को कानून व्यवस्था मजबूत करने, तकनीकी पोर्टल्स का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि CCTNS और IT पोर्टल्स के अनुपालन में लापरवाही, विवेचना में त्रुटियों के कारण होने वाली दोषमुक्ति और चालान पेश करने की वैधानिक समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, मुंगेली के एसपी भोजराम पटेल, कोरबा के एसपी सिद्धार्थ तिवारी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के एसपी मनोज खिलारी, सक्ती के एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, जांजगीर-चांपा के एसपी विजय पाण्डेय और सारंगढ़ के एसपी सुनील शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।

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