झीरम घाटी केस पर पूर्व CM भूपेश बघेल का NIA पर हमला, बोले- ‘षड्यंत्र की जांच में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी’, 5 सितंबर को आएगा NIA कोर्ट का फैसला..

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रायपुर// झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी मामले की जांच को लेकर NIA पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NIA ने मामले की जांच सही तरीके से नहीं की और हमले के पीछे कथित षड्यंत्र की तह तक जाने की कोशिश नहीं हुई। भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दरभा थाने में दर्ज FIR में जिन धाराओं और जिन लोगों के नाम का उल्लेख था, उनसे भी NIA ने पूछताछ नहीं की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि NIA ने घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों से भी पूछताछ नहीं की।

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गौरतलब है कि बस्तर के झीरम घाटी में हुए हत्याकांड की सुनवाई पूरी होने के बाद NIA कोर्ट आज फैसला सुनाने वाली थी। लेकिन कोर्ट ने इस फैसले को टालते हुए अब आगामी 5 सितंबर को इस मामले में फैसला सुनायेगी। उधर NIA कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर राजनीति गरमायी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि “झीरम घटना की जांच NIA ने सही से नहीं की। दरभा थाने में जो FIR लिखा गया, जो धाराएं लगी और जिन लोगों के नाम का उल्लेख था उनसे पूछताछ नहीं हुई। NIA ने झीरम घाटी में जो लोग घटनास्थल पर थे, उन सब से भी पूछताछ नहीं की। ये षड्यंत्र किसने किया, उसमें उन्होंने एक कदम भी नहीं रखा।

हमने जांच को राज्य सरकार को सौंपने की बात कही और सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के पक्ष में फैसला आया लेकिन विष्णुदेव की सरकार में ना एसआईटी गठन हुआ, ना जांच के आदेश दिए गए। भाजपा लगातार इसे दबाने का काम कर रही है।” बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने मामले की जांच राज्य सरकार को सौंपने की बात कही थी। उनके मुताबिक, इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के पक्ष में फैसला भी आया, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार ने न तो SIT का गठन किया और न ही जांच के आदेश दिए। पूर्व सीएम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा लगातार झीरम घाटी मामले को दबाने का काम कर रही है।

भूपेश बघेल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब झीरम घाटी मामले में विशेष NIA कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। अदालत को 31 अगस्त को फैसला सुनाना था, लेकिन अब फैसला टाल दिया गया है। विशेष NIA कोर्ट अब 5 सितंबर 2026 को फैसला सुनाएगी। इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई थी। इनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि बाकी 10 आरोपियों के खिलाफ फैसला आना बाकी है। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए हैं। 10 अगस्त को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

2013 के झीरम घाटी हमले पर अब भी सियासी सवाल

झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को हुआ था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान सुकमा से जगदलपुर लौट रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के काफिले को झीरम घाटी में नक्सलियों ने निशाना बनाया था। हमले में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा और उदय मुदलियार समेत कई लोगों की मौत हुई थी। घटना के वर्षों बाद भी हमले के पीछे कथित षड्यंत्र और इसके जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। अब जब विशेष NIA कोर्ट का फैसला 5 सितंबर को आने वाला है, उससे पहले भूपेश बघेल के बयान ने इस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत को फिर गरमा दिया है।

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