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सारंगढ़-बिलाईगढ़// बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 30 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” विषय पर जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत रविवार को जिले के करीब 17 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर लगभग 3100 लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से संवाद करते हुए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी, CBI या ED अधिकारी बनकर आने वाले कॉल और वीडियो कॉल के जरिए डराने-धमकाने जैसी साइबर ठगी के बारे में समझाइश दी।
पुलिस या जांच एजेंसी वीडियो कॉल पर नहीं करती डिजिटल अरेस्ट
पुलिस ने लोगों को स्पष्ट रूप से बताया कि पुलिस, CBI, ED या कोई अन्य जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करे और गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे मांगे, तो यह साइबर ठगी हो सकती है। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत कॉल काटने और किसी भी तरह का भुगतान नहीं करने की अपील की गई।
OTP, PIN और बैंक की जानकारी किसी से साझा न करें
जागरूकता कार्यक्रमों में लोगों से कहा गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM या डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, CVV, बैंक खाता विवरण और UPI PIN जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें। इसके अलावा किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से भी संपर्क करने की अपील की गई। पुलिस के अनुसार, ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी की रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खुद जागरूक रहें और अपने परिवार के बुजुर्गों को भी डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल जैसी साइबर ठगी के बारे में जानकारी दें।


