साइबर जागृति : साइबर ठगी से बचाव के लिए जिलेभर में जागरूकता अभियान, एक दिन में 20 स्थानों पर पहुंचे पुलिसकर्मी, 2,800 लोगों को दी गई जानकारी..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से लोगों को बचाने के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 15 अगस्त से शुरू हुआ यह अभियान 2 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के तहत जिले के सभी थानों और पुलिस चौकियों की टीमें गांवों, बाजारों, स्कूल-कॉलेज, बैंक और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दे रही हैं।

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इसी क्रम में 27 अगस्त को जिले के करीब 20 अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 2,800 लोगों को फर्जी कॉल, ईमेल, फिशिंग, वित्तीय धोखाधड़ी, ओटीपी, पिन और ऑनलाइन प्रलोभन सहित साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में समझाया गया। पुलिस ने लोगों से कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा न करें और ऑनलाइन लेनदेन में विशेष सावधानी बरतें।

अभियान के दौरान खास तौर पर मोबाइल ऐप डाउनलोड करने को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया। पुलिस ने बताया कि व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया ऐप या अन्य मोबाइल एप्लीकेशन केवल आधिकारिक स्रोतों से ही डाउनलोड करें। किसी एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज, टेलीग्राम या अनजान स्रोत से मिली .apk फाइल या लिंक पर क्लिक न करें और ऐसी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल बिल्कुल न करें। एंड्रॉइड फोन में ऐप केवल गूगल प्ले स्टोर और आईफोन में ऐप स्टोर से डाउनलोड करने की सलाह दी गई।

पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर ठगी होने के बाद घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति के खाते से ऑनलाइन ठगी के जरिए पैसे निकल जाते हैं तो वह तत्काल टोल-फ्री साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। शिकायत करते समय अपना नाम और मोबाइल नंबर, बैंक खाता संबंधी जानकारी, घटना की तारीख, ठगी गई रकम, ठग का मोबाइल नंबर तथा बैंक ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट जैसी जरूरी जानकारी और साक्ष्य उपलब्ध रखने की अपील की गई है।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस का यह अभियान 2 अक्टूबर तक अलग-अलग चरणों और थीम के माध्यम से जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए आम नागरिक खुद सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी दें, ताकि जिले में डिजिटल धोखाधड़ी पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।

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