शेयर करें...
सारंगढ़-बिलाईगढ़// फ्लाईऐश और क्रशर उद्योगों से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से जर्जर हुई सड़क को लेकर गुरुवार को नौघटा के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क की बदहाली और शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों से चर्चा के बाद 30 अक्टूबर तक इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।

24 घंटे भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क बदहाल
कटंगपाली से नौघटा गांव जाने वाली सड़क पर फ्लाईऐश और क्रशर उद्योगों से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब दो साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क अब बुरी तरह खराब हो चुकी है। जगह-जगह डामर और गिट्टी उखड़ गई है तथा बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश में इन गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाता है, जबकि सूखे मौसम में उड़ती धूल से लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। वहीं लंबे समय से समस्या बनी रहने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता गया।
जनदर्शन में शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
बता दें कि नौघटा के ग्रामीणों ने 12 अगस्त को कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर सड़क की बदहाली और फ्लाईऐश वाहनों की आवाजाही की शिकायत की थी। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद गुरुवार को ग्रामीण सड़क पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया।
सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सरिया थाना प्रभारी एनएल राठिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद सरिया तहसीलदार पुष्पेंद्र राज और सहायक खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा भी मौके पर पहुंचे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग के सब इंजीनियर ने सड़क का निरीक्षण किया और ठेका कर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया। सड़क की हालत
इतनी खराब थी कि ग्रामीणों की समस्या देखने पहुंचे अधिकारियों को भी अपना वाहन छोड़कर करीब 500 मीटर से अधिक दूरी पैदल तय करनी पड़ी। ग्रामीणों ने अधिकारियों को सड़क की स्थिति दिखाई और बताया कि रोजाना इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है।निरीक्षण के दौरान ठेका कर्मियों ने अधिकारियों को बताया कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच सड़क की मरम्मत करना संभव नहीं होगा। इसके बाद प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की बात कही।
तहसीलदार बोले, मरम्मत के लिए दो माह भारी वाहनों पर रोक
सरिया तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह राज ने बताया कि सड़क की मरम्मत के दौरान करीब दो माह के लिए इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत का मामला होने के कारण खनिज विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान क्रशर संचालकों और फ्लाईऐश डंप करने वालों से भी चर्चा की गई है।
अब ग्रामीणों को सड़क मरम्मत की उम्मीद
प्रशासन द्वारा 30 अक्टूबर तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ वाहनों पर रोक लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। प्रतिबंध की अवधि में सड़क की मरम्मत का काम पूरा किया जाना चाहिए, ताकि आगे भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने पर सड़क फिर से जर्जर न हो। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से खराब पड़ी सड़क की मरम्मत जल्द शुरू होगी और स्कूली बच्चों सहित आम राहगीरों को आवागमन में राहत मिलेगी।



You must be logged in to post a comment.