पुसौर में शिक्षकों ने निकाली सेवा सुरक्षा पदयात्रा, लंबित मांगों को लेकर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन..

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रायगढ़// शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के नेतृत्व में पुसौर में “सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा” निकाली गई। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं पदयात्रा में शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। पदयात्रा के बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम पुसौर को ज्ञापन सौंपा। फेडरेशन का कहना है कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को शासन के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण मांगों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हुआ है। इसी को लेकर संगठन ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया है।

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वेतन विसंगति और पूर्व सेवा गणना की मांग

शिक्षकों ने मोदी की गारंटी के तहत सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने की मांग की। इसके साथ ही पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्नति, पेंशन सहित सभी पात्र लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। शिक्षकों का कहना है कि उनकी पुरानी सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें मिलने वाले लाभों का उचित निर्धारण किया जाना चाहिए।

TET की अनिवार्यता से मुक्ति और सेवा सुरक्षा

पदयात्रा में छत्तीसगढ़ में पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को लेकर स्पष्ट और सुरक्षित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा वरिष्ठता के आधार पर पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग भी रखी गई।

शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा संघर्ष

फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक शिक्षक की समस्या नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा विषय है। शिक्षकों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात शासन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा। पदयात्रा के दौरान “हमारी एकता, हमारी ताकत, शिक्षक हित में संघर्ष निरंतर” जैसे नारों के साथ शिक्षकों ने अपनी एकजुटता दिखाई।

पदयात्रा में प्रदेश महामंत्री बिजेंद्र चौहान, ब्लॉक अध्यक्ष भुवनेश्वर सिदार, कार्यकारी जिलाध्यक्ष एस कुमार सारथी, जिला उपाध्यक्ष निराकार चौहान, जिला प्रवक्ता लोकेश साव, अनिल देवता, हेमंत चौहान, कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष जीवन सिदार, ताराचंद पटेल, गोविन्द महाना, ब्लॉक पदाधिकारी प्रदीप प्रधान, उज्ज्वल बेहरा, ईश्वर चंद्र गुप्ता और महिला प्रतिनिधि लक्ष्मी ओगरे सहित बड़ी संख्या में महिला शिक्षक और अन्य शिक्षक साथी मौजूद रहे। शिक्षकों ने कहा कि उनकी मांगों पर न्यायपूर्ण निर्णय होने तक संगठन की ओर से आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा।

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