शेयर करें...
रायपुर// घर में नया किराएदार रखा है या घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर और केयरटेकर रखने जा रहे हैं ? अब इनके पुलिस सत्यापन के लिए थाने के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है, जिसके जरिए मकान मालिक मोबाइल से ही संबंधित व्यक्ति की जानकारी और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इसके बाद पुलिस अपने रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी का सत्यापन करेगी।
समाधान ऐप के जरिए मकान मालिक किराएदार, घरेलू सहायक, चालक, देखभाल करने वाले कर्मचारी समेत अन्य लोगों का सत्यापन करा सकेंगे। इसके लिए संबंधित व्यक्ति का नाम, पता और जरूरी पहचान दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज करने होंगे। आवेदन मिलने के बाद पुलिस उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उसकी जानकारी की जांच करेगी। इस डिजिटल व्यवस्था का मकसद न सिर्फ लोगों को सुविधा देना है, बल्कि किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में पहले से उपलब्ध कराना भी है।
70 लाख की चोरी ने फिर उठाया था सत्यापन पर सवाल
घरेलू कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन की जरूरत को रायपुर में सामने आए कई मामलों ने गंभीर बनाया है। मोवा में एक कारोबारी के घर काम करने वाला बिहार निवासी महेंद्र कुमार यादव कथित तौर पर घर से 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गया था। कारोबारी परिवार के साथ बाहर गया था, इसी दौरान आरोपी अपने साथी के साथ घर में रखी रकम लेकर भाग गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।ऐसे मामलों में यदि कर्मचारी की पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी पहले से पुलिस के पास हो, तो जांच में मदद मिल सकती है।
इसी तरह साल 2022 में रायपुर में सामने आया एक मामला और भी चौंकाने वाला था। बिहार में कारोबारी की हत्या के मामले में आरोपी व्यक्ति कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर रायपुर में एक अधिकारी के घर बावर्ची बनकर नौकरी कर रहा था। तकनीकी जांच के बाद उसकी पहचान सामने आई और बिहार पुलिस के संपर्क के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
अब रिकॉर्ड में रहेगी कर्मचारी और किराएदार की जानकारी
पुलिस का मानना है कि डिजिटल सत्यापन से किराएदार और घरेलू कर्मचारियों की जानकारी व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहेगी। किसी आपराधिक घटना की स्थिति में पुलिस के पास संबंधित व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की शुरुआती जानकारी पहले से मौजूद होगी।पहले किराएदार या घरेलू कर्मचारी के सत्यापन के लिए थाने जाकर आवेदन देना पड़ता था। अब मोबाइल से आवेदन और ऑनलाइन जानकारी देने की सुविधा से प्रक्रिया आसान होने का दावा किया गया है। यानी घर में काम करने वाले व्यक्ति या किराएदार का सत्यापन अब सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि सुरक्षा का डिजिटल कवच बन सकता है। सवाल सिर्फ इतना है कि आपके घर में काम करने वाले व्यक्ति का पुलिस रिकॉर्ड में सत्यापन हुआ है या नहीं?



