ओवरलोड फ्लाई ऐश वाहनों से जर्जर हुई सड़क, नौघटा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी..

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सारंगढ़-बिलाईगढ़// रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत नौघटा में ओवरलोड फ्लाई ऐश वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत लगातार खराब होने का मामला सामने आया है। सड़क की बदहाली और दुर्घटना के बढ़ते खतरे को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नौघटा से कटंगपाली और बोंदा तक जाने वाला मार्ग गांव के लिए मुख्य और महत्वपूर्ण सड़क है। इसी रास्ते से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे भी आवागमन करते हैं। लेकिन फ्लाई ऐश से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और भी खतरनाक हो जाती है।

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क्षमता करीब 12 टन, रोजाना गुजर रहे 50-60 वाहन

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क की क्षमता करीब 12 टन है, जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 50 से 60 फ्लाई ऐश वाहन गुजर रहे हैं। ग्रामीणों ने कई वाहनों के क्षमता से अधिक भार लेकर चलने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भारी वाहनों के लगातार दबाव से सड़क तेजी से खराब हो रही है और आम लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ रहा है। गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए बोंदा और कटंगपाली की ओर जाते हैं। ऐसे में एक ओर सड़क के गड्ढे और दूसरी ओर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

विधायक से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर पहले रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी से भी शिकायत की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कुछ फ्लाई ऐश वाहन चालकों पर कथित रूप से तेज गति से वाहन चलाने और रोकने या समझाने पर ग्रामीणों से विवाद एवं धमकी देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे मामलों की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

फ्लाई ऐश भराव के कारण बढ़ी वाहनों की संख्या

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में फ्लाई ऐश लाकर भराव का काम तेजी से चल रहा है। इसके कारण भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि फ्लाई ऐश का परिवहन जारी रखना है तो वाहनों के भार की जांच की जाए और सड़क की क्षमता के अनुसार ही वाहनों को चलने दिया जाए।

तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो चक्काजाम

ग्रामीणों ने प्रशासन से बरसात के दौरान कम से कम अक्टूबर तक ओवरलोड फ्लाई ऐश वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने, सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और वाहनों के भार की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए चक्काजाम एवं उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए जीवनरेखा है, इसलिए प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल कदम उठाना चाहिए।

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